बिना सरकारी अनुदान सोशल मीडिया मित्रों के सहयोग से गोशाला में कर रहे 140 बीमार गोवंश की सेवा, सात साल में एक करोड़ से ज्यादा…

आशीष गौत्तम | चूरू जिला मुख्यालय से करीब आठ किमी दूर बालरासर तंवरान गांव की गोविंद गोशाला में फिलहाल 140 बीमार, अंधी व अपाहिज गोवंश की सेवा की जा रही है। वर्ष 2017 में गांव के रवींद्र सिंह राठौड़ द्वारा निशुल्क दी गई करीब एक बीघा जमीन में शुरू हुई इस गोशाला के विकास की कहानी प्रेरणादायक है। ये गोशाला बिना सरकारी अनुदान के सोशल मीडिया मित्रों के आर्थिक सहयोग से चल रही है। ये मित्र अब तक इस गोशाला में एक करोड़ से अधिक रुपए का सहयोग कर चुके हैं। पाली में कपड़ा व्यापारी महेंद्रपाल सिंह शेखावत का कोरोना काल में गांव की गोशाला से लगाव बढ़ा तो उन्होंने अपने सोशल मीडिया मित्रों के सहयोग से इसे सेवा का जरिया बना लिया। इस काम में उनकी पत्नी संजू कंवर की भी अहम भूमिका है। दंपती अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए अब तक 10 हजार से ज्यादा लोगों को जोड़ चुके हैं, जो समय-समय पर गोशाला के िलए सहायता राशि भेजते रहते हैं। इस गोशाला का लेखा-जोखा भी हर महीने के अंत में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डालते हैं, ताकि सहयोग करने वाले के मन में कोई शंका न हो। इन मित्रों के आर्थिक सहयोग से हाल ही में गोशाला निर्माण के लिए 25 लाख रुपए की लागत से सात बीघा जमीन भी खरीदी गई है। पाली में कपड़े की फैक्ट्री का संचालन करने वाले बालरासर तंवरान के महेंद्रपाल सिंह ने बताया कि गांव में वर्ष 2017 में स्थापित गोशाला एक झोंपड़े में चलती थी। उस समय सिर्फ 18 गोवंश थे। कोरोना काल में बिजनेस प्रभावित होने पर मैं गांव आकर रहने लगा। इस दौरान गोशाला के लिए जमीन देने वाले गांव के रवींद्र सिंह ने मेरे से गोशाला के बारे में चर्चा की। कोरोना काल में मेरा कारोबार समाप्त हो गया। मैंने गोशाला में जाकर गोवंश से प्रार्थना की कि मेरा व्यापार वापस सही हो जाए तो सहयोग करूंगा। गोसेवा से व्यापार पहले से भी अच्छा चलने लगा। मैंने उसी दिन 21 हजार की रसीद कटवाई और उसे सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर मित्रों से संपर्क किया। पत्नी संजू ने भी अपने फेसबुक मित्रों को इस बारे में बताया। इसके बाद 24 घंटे में ही सोशल मीडिया मित्रों ने करीब ढाई लाख रुपए का अनुदान भेज दिया। इस राशि से टीन शैड बनवाए। 18 गोवंश से झोंपड़ी में शुरू की थी गोशाला, अब टीनशैड में 140 गोवंश, इनमें दुधारू 1 भी नहीं 10 हजार से ज्यादा लोग कर रहे गोसेवा के लिए सहयोग : अब 10 हजार से ज्यादा सहयोगी मित्र जुड़ चुके हैं, जिनमें से 200-250 मित्र एक साथ अपने-अपने हिसाब से राशि भेजते हैं। मित्रों से अब तक मिले एक करोड़ के सहयोग में से गोशाला की चारदीवारी का निर्माण करा दिया। दो ट्यूबवैल सहित अन्य विकास कार्य करवाए गए। गोशाला में 140 गोवंश में से 13 अंधे हैं, बाकी अपाहिज और बीमार हैं। एक भी गोवंश दुधारू नहीं है। गोशाला को किसी प्रकार का सरकारी अनुदान नहीं मिलता। गोशाला में सबसे बड़ा सहयोग राजस्थान फेसबुक मित्र का है।

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