छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट को सालों के इंतजार के बाद आखिरकार नाइट लैंडिंग का लाइसेंस मिल गया है। शुक्रवार को डीजीसीए ने 3सी-आईएफआर लाइसेंस जारी कर दिया है। इसके साथ ही अब बिलासपुर एयरपोर्ट पर खराब मौसम, बारिश के साथ ही रात में भी फ्लाइट उड़ानें भर सकेंगे। डीजीसीए के डायरेक्टर चंद्रमणि पांडेय के हस्ताक्षर से लाइसेंस जारी किया गया है। अब बिलासा देवी केंवट चकरभाठा एयरपोर्ट से रात में भी उड़ानें भर सकेंगी। शेड्यूल में होगा बदलाव, रात में भी मिलेंगी उड़ान की सुविधा माना जा रहा है कि, लाइसेंस मिलने के बाद अब गर्मी के समर शेड्यूल में जहां उड़ानों का समय बदलेगा, वहीं पहली बार नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने से देर शाम और रात की फ्लाइट्स शुरू हो जाएंगी। फरवरी के अंत तक नाइट लैंडिंग सिस्टम चालू होने के बाद यात्रियों को सुबह और दोपहर ही नहीं, बल्कि शाम व रात में भी हवाई सफर की सुविधा मिल सकेगी। 3सी-आईएफआर लाइसेंस मिलने के बाद सबसे बड़ा बदलाव रात में उड़ानों की शुरुआत को लेकर माना जा रहा है। नाइट लैंडिंग मशीन की कमीशनिंग पहले ही हो चुकी है। इसके तकनीकी परीक्षण के लिए 20 फरवरी तक डीजीसीए की टीम बिलासपुर पहुंचने वाली है। एयरपोर्ट को नाइट ऑपरेशन की मंजूरी मिलने के बाद समर शेड्यूल में उड़ानों का टाइम स्लॉट पूरी तरह बदल जाएगा। फ्लाइटों की संख्या भी बढ़ेंगी बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर अब बारिश या खराब मौसम के दौरान लैंडिंग में होने वाली बाधाएं पूरी तरह समाप्त हो गई हैं। डीजीसीए से एयरपोर्ट को 3सी- वीएफआर से अपग्रेड कर 3सी- आईएफआर का लाइसेंस देने के बाद अब सुविधाओं का विस्तार होगा। इस सुविधा के लिए साल 2022 से ही प्रयास शुरू कर दिए गए थे, लेकिन डीजीसीए के वर्ष 2024 में डीवीओआर की स्थापना की अनिवार्यता और उसके बाद कमीशनिंग की प्रक्रियाओं के कारण समय लग रहा था। अब तकनीकी बाधाएं दूर होने के बाद अन्य निजी विमानन कंपनियां भी बिलासपुर से देश के अन्य प्रमुख शहरों के लिए अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। कई कंपनियां कर चुकी हैं सर्वे, अब उड़ान की उम्मीद वर्तमान में बिलासपुर से सिर्फ एलायंस एयर द्वारा विमानों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इंडिगो समेत कई अन्य बड़ी कंपनियां पहले ही यहां सर्वे कर चुकी हैं। हवाई यात्रा के प्रति यात्रियों का उत्साह इस बात से समझा जा सकता है कि, 1 मार्च 2021 को शुरू हुए इस एयरपोर्ट से पिछले चार सालों में ढाई लाख से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं। अब यहां निजी कंपनियों के फ्लाइट शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। तकनीकी रूप से समझें तो पहले यहां केवल वीएफआर यानी विजुअल फ्लाइट रूल्स के तहत लैंडिंग होती थी। जिसमें पायलट को रनवे साफ दिखना जरूरी था, लेकिन अब आईएफआर यानी इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स के तहत उपकरणों की मदद से शून्य दृश्यता में भी विमान सुरक्षित लैंड कर सकेंगे। डीजीसीए ने जोड़ी अनिवार्य शर्तें इस लाइसेंस के साथ डीजीसीए ने कुछ अनिवार्य शर्तें भी रखी हैं, जिनमें विमानों के सुचारू संचालन के लिए एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया का प्रभावी क्रियान्वयन और बिजली और विजिबिलिटी के लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही, हवाई अड्डे पर संचालन के आधार पर आवश्यक मैनपॉवर और ऑनलाइन डायरेक्टरी ई-एआईपी इंडिया में एयरपोर्ट की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। ई-एआईपी एक वैश्विक ऑनलाइन डायरेक्टरी है, जिससे दुनिया भर के पायलट और एयरलाइंस किसी भी एयरपोर्ट की सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल करते हैं। अब शहर के विकास का रास्ता खुला नाइट लैंडिंग की सुविधा मिलने के बाद बिलासपुर एयरपोर्ट के भविष्य को लेकर कई संभावनाओं का रास्ता खुल गया है। अब शाम, रात और खराब मौसम में भी उड़ानों का संचालन संभव होगा, जिसके लिए आगामी समर शेड्यूल में तैयारियां की जा रही हैं। उड़ानों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को अधिक शहरों के लिए सीधी हवाई सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, अब यहां विमानों के नाइट पार्किंग की सुविधा भी विकसित हो सकेगी, जिससे अलसुबह उड़ानें संचालित करना आसान होगा। 4सी कैटेगरी में अपग्रेड करना चुनौती 3सी श्रेणी के बाद अब अगला लक्ष्य एयरपोर्ट को 4सी श्रेणी में अपग्रेड कराना होगा। एयरपोर्ट का संचालन 24 घंटे होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार, ग्राउंड स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों की मांग बढ़ेगी। इसके अलावा रात में आवागमन की सुविधा होने से क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और इंडिगो, आकासा एयर या स्पाइसजेट जैसी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा होने से यात्रियों को कम किराए का लाभ भी मिल सकता है। इन रूटों पर उड़ान शुरू होने की उम्मीद वर्तमान में एलायंस एयर अब यहां विमानों के नाइट स्टे पर काम कर रही है। वहीं इंडिगो की तरफ से बिलासपुर को हैदराबाद, कोलकाता और इंदौर से जोड़ने की चर्चा हैं। स्पाइसजेट यहां के बाजार को देखते हुए प्रयागराज और वाराणसी रूट के लिए अपने 78-सीटर विमानों की प्लानिंग कर रही है, जबकि आकासा एयर भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार के तहत बिलासपुर को एक बेहतर विकल्प के रूप में देख रही है।


