बिलासपुर नगर निगम में इंजीनियरों के 50 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त हैं। निगम के उप आयुक्त प्रवेश कश्यप का कहना है कि नगर निगम का सेट अप 2016 में अपडेट किया गया था। शासन ने 2026 के नए सेट अप के लिए जानकारी मांगी है। स्थानीय स्तर पर भरे जाने वाले पदों को शासन की स्वीकृति के बाद भरा जाएगा। निगम सभापति विनोद सोनी ने कहा कि जब इंजीनियरों की कमी है तो ईई प्रवीण शुक्ला को जोन क्रमांक- 3 का अतिरिक्त प्रभार क्यों दिया गया। स्वच्छता एवं स्वास्थ्य विभाग में भी सेनेटरी इंस्पेक्टर से लेकर स्वास्थ्य अधिकारी तक के कई पद खाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि टास्क में काम करने वाले कर्मचारी खुद को सेनेटरी इंस्पेक्टर बता रहे हैं। संविदा कर्मी को कई अहम कार्यों का दायित्व सभापति का कहना है कि जब नगर निगम में बड़े पैमाने पर पद रिक्त हैं, तो उन्हें भरने के प्रयास होने चाहिए, न कि संविदा पर कार्य कर रहे लोगों को कई बड़े पदों पर बैठाना सही नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि संविदा पर लंबे समय से नगर निगम में कार्यरत प्रवीण शर्मा को अतिक्रमण शाखा, संजय तरण पुष्कर जैसे अहम दायित्व क्यों सौंप दिए गए? जानिए इंजीनियरों के कितने पद रिक्त बता दें कि सब इंजीनियर के 47 में से 25 पद, एई के 22 में से 18 पद, ईई के 9 में से 5 पद, एसई के 2 में से 1 पद खाली है। रिटायरमेंट के बाद स्थिति और बिगड़ेगी नगर निगम में साल 2016 के सेट अप के मुताबिक, नियमित 439 और सांख्येत्तर 715 कर्मचारी हैं। इनमें से बहुत से कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं। साल 2026 में कई वरिष्ठ इंजीनियर नगर निगम से विदा हो जाएंगे, इसके बाद स्थिति और खराब होगी। वर्तमान में नगर निगम में 6 वरिष्ठ, अनुभवी इंजीनियर विभिन्न पदों पर कार्य कर रहे हैं, ये सभी अगले साल रिटायर होने वाले हैं। शहर में 70 करोड़ के काम चल रहे नगर निगम के अंतर्गत शहर में 20 करोड़ और बिलासपुर स्मार्ट सिटी के तहत 50 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्य चल रहे हैं। वहीं 50 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्यों का टेंडर लगाया गया है। इस बीच खबर यह भी है कि नगर निगम के 5 इंजीनियरों का तबादला कर दिया गया है, इनमें एई ललित त्रिवेदी मनेंद्रगढ़, मनीष यादव कोरबा, दुर्गा कंवर राजनांदगांव, रश्मि मिश्रा रतनपुर और रश्मि देवांगन बोदरी शामिल हैं।


