बिलासपुर में खूंटाघाट डैम से कल छोड़ा जाएगा पानी:211 तालाब भरे जाएंगे; 107 गांवों के लोगों को जल संकट से मिलेगी राहत

बिलासपुर में भीषण गर्मी शुरू होने से पहले खूंटाघाट बांध के दांयीं और बांयी ओर नहर के किनारे बसे गांवों के तालाबों को भरने के लिए 21 मार्च को पानी छोड़ा जाएगा। इससे गांव में निस्तारी का काम आसानी से हो सकेगा और जल संकट से परेशानी नहीं होगी। कलेक्टर ने शुक्रवार सुबह 11 बजे से पानी छोड़ने का निर्देश जारी किया है। खूंटाघाट से पानी छोड़ने पर 107 गांवों के 211 निस्तारी तालाबों में पानी भरा जाएगा, जिससे गांवों में जल संकट से राहत मिलेगी। दरअसल, इस साल मार्च से ही तेज गर्मी पड़ने लगी है और गांवों में तालाब भी सूख रहे हैं। ऐसे में गांवों में निस्तारी की समस्या हो सकती है। यही वजह है कि मस्तूरी के कई गांवों से तालाबों को भरने के लिए आवेदन खारंग डिवीजन जल संसाधन विभाग में आ चुके हैं। इनमें जनप्रतिनिधियों ने भी कलेक्टर से पानी छोड़ने के लिए पत्र लिखा है। इसके बाद ही कलेक्टर अवनीश शरण ने खारंग डिवीजन के ईई को पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। केवल तालाब भरने के लिए पानी का उपयोग जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पानी छोड़ने के दौरान नहरों से छोड़े जाने वाले पानी का उपयोग केवल तालाबों को भरने के लिए करें। किसी भी स्थिति में निस्तारी के अलावा अन्य कामों के लिए पानी का उपयोग न करें। शासन ने पहले ही गर्मी में रबी की फसलों पर प्रतिबंध लगाया है। गर्मी में भूजल स्तर वैसे ही नीचे चला जाता है। हैंडपंप कुआं और तालाब भी सूख जाते हैं। यदि कहीं पानी के गलत इस्तेमाल की सूचना मिलती है, तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। ग्रामीणों से सहयोग की अपील जल संसाधन विभाग ने नहर किनारे के गांववालों से अपील की है कि वे पानी का सही उपयोग में सहयोग करें। नहर का पानी केवल निस्तारी तालाबों को भरने के लिए ही इस्तेमाल करें। इससे गांवों में जलस्तर बना रहेगा और मवेशियों को पीने के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। खूंटाघाट डैम में 59.29% पानी जल संसाधन विभाग के खारंग डिवीजन के अफसरों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और आवेदन देने के बाद नहर किनारे के 107 गांवों के 211 तालाबों को नहर में पानी छोड़कर भरा जाएगा। वर्तमान में खूंटाघाट बांध में 59.29% पानी ही बाकी है, जिसे देखते हुए छोड़े जाने वाले पानी का उपयोग सिर्फ निस्तारी के लिए करने को कहा गया है। डिप्टी सीएम बोले- खुड़िया बांध से छोड़ा जाए पानी इधर, डिप्टी सीएम अरूण साव ने खुड़िया जलाशय से जल्द से जल्द पानी छोड़ने को कहा है। इससे ग्रामीणों को निस्तारी के साथ खड़ी फसलों को बचाने में मदद मिलेगी। लोरमी क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को उप मुख्यमंत्री के निवास कार्यालय में उन्हें ज्ञापन सौंपकर खुड़िया जलाशय से निस्तारी के लिए पानी छोड़ने का आग्रह किया। 200 प्रभावित गांवों के लोगों ने रखी समस्याएं पानी की समस्या लेकर लोरमी क्षेत्र के लगभग 200 प्रभावित गांवों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी समस्याएं रखी। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के मौसम की शुरुआत में ही अनेक गांव में निस्तारी की समस्या शुरू हो गई है। फसलों के साथ ही मवेशियों के लिए पर्याप्त पानी नहीं है। खुड़िया जलाशय से पानी छोड़ने पर समस्या का निराकरण होगा। साव ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को खुड़िया जलाशय से निस्तारी के लिए पानी छोड़ने के निर्देश दिए।

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