बिलासपुर में गणतंत्र दिवस पर प्रशासन की राजनीति:कांग्रेसी बोले- राष्ट्रीय पर्व पर केवल सत्ताधारी विधायकों का महत्व, ये लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के दिन जिला प्रशासन पर राजनीति करने का आरोप लग रहा है। कांग्रेसियों ने शहर में लगाए गए बैनर-पोस्टर को लेकर सियासी विवाद खड़ा कर जिला प्रशासन पर विपक्ष के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाया है। जिला शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा एवं महेंद्र गंगोत्री के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराया और ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र राष्ट्रीय पर्व पर जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए फ्लेक्स में केवल भाजपा के विधायकों के फोटो लगाए गए, जबकि कांग्रेस के निर्वाचित विधायकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक निष्पक्षता के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि जिले में 6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिनमें से 4 विधायक भाजपा और 2 विधायक कांग्रेस से निर्वाचित हैं। इसके बावजूद शहर में लगाए गए सरकारी फ्लेक्स में केवल सत्ताधारी दल के विधायकों की तस्वीरें लगाई गईं थी। शहर अध्यक्ष ने कहा-राष्ट्रीय पर्व कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं
शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है। लेकिन, जिला प्रशासन ने इसे राजनीतिक रंग दिया। जिला प्रशासन द्वारा जो फ्लेक्स लगाए गए उनमे केवल भाजपा विधायकों की तस्वीर थी ,जबकि गणतंत्र दिवस कोई पार्टी का कार्यक्रम नही था। प्रोटोकॉल में सभी विधायक चाहे कोई भी दल के हो, उन्हें उतना ही सम्मान मिलना चाहिए जितना सत्ता पक्ष के विधायकों को मिलता है। लेकिन, दुर्भाग्य वश भाजपा विपक्ष के विधायकों को अपमानित करने में नही चूकती। भाजपा को लोकतंत्र और संविधान पर विश्वास नहीं
कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि भाजपा को लोकतंत्र और संविधान में विश्वास नही है। भाजपा लोक तंत्र की जगह राज तंत्र को मनाने वाली पार्टी है, जिसके मूल में फासीवादी विचारधारा दौड़ती है। 26 जनवरी की दिल्ली परेड में भी एलओपी राहुल गांधीजी और राज्यसभा के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को तीसरी पंक्ति में बिठाया गया, जो आज़ादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है। जबकि प्रोटोकॉल में लोकसभा और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष को प्रथम पंक्ति में स्थान मिलता है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का किया अपमान
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिला प्रशासन का दायित्व है कि वह सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को समान अधिकार, सम्मान और प्रतिनिधित्व प्रदान करें, विशेषकर राष्ट्रीय पर्वों पर। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इसे प्रशासनिक चूक बताया और भविष्य के लिए आश्वासन दिया। इस मौके पर पूर्व रामशरण यादव, रविंद्र सिंह, संतोष गर्ग, भरत कश्यप, शेख निजामुद्दीन, राकेश शर्मा, देवेंद्र सिंह, पंकज सिंह, समीर अहमद, रामा बघेल, सुभाष ठाकुर, अनिल पांडे आदि उपस्थित रहे।

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