बिलासपुर में पुलिस अब अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण और उनकी धरपकड़ करना छोड़ कर गैस की कालाबाजारी करने वाले को निशाना बना रही है। पुलिस अपना मूल काम छोड़कर अवैध गैस सिलेंडर पकड़ने में व्यस्त हो गई है। जबकि, गोलीकांड, गैंगवार और हत्या और चाकूबाजी जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही है। ऐसे ही तोरवा पुलिस ने घरेलु गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले दो कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 86 गैस सिलिंडर जब्त किया है। बता दें कि, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के लिए शासन ने अलग से खाद्य विभाग को जिम्मेदारी दी है। बुधवार को तोरवा पुलिस को सूचना मिली कि सिंधी कालोनी हेमुनगर के एक मकान में भारी मात्रा में घरेलु गैस का भंडारण किया गया है। यहां से गैस की कालाबाजारी की जाती है। खबर मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। जिसके बाद हेमुनगर में रहने वाले अजय मेघानी के घर में दबिश दी। मौके पर अजय मेघानी और सुनील कुमार थारवानी मिले। वहीं, घर की तलाशी लेने पर 86 गैस के सिलिंडर बरामद हुए। इसमें से 43 सिलिंडर भरे हुए थे। पुलिस ने वहां पकड़े गए लोगों से सिलिंडर के संबंध में पूछताछ की गई। इसमें वे गैस के संबंध में जानकारी नहीं दे पाए। जिस पर पुलिस ने दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। ACCU की टीम भी अपराधियों को पकड़ने में नाकाम
पुलिस मुख्यालय के आदेश पर बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की टीम का गठन किया गया है। इस टीम का काम शहर के साथ ही जिले में हत्या, लूट, डकैती के साथ ही संपत्ति संबंधी अपराध रोकने और अपराधियों की धरपकड़ करने की जिम्मेदारी है। लेकिन, बिलासपुर की टीम गोलीकांड, चोरी और लूट के अपराधियों को पकड़ने में रूचि नहीं ले रही है। बल्कि, अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ करने के बजाए दूसरे काम में व्यस्त है। मस्तूरी गोलीकांड, चाकूबाजी और हत्या के केस अनसुलझे
मस्तूरी के कांग्रेस नेता नितेश सिंह के ऑफिस में 28 अक्टूबर की शाम हमलावरों ने दनादन फायरिंग की थी। इस हमले में मुड़पार के पूर्व सरपंच चंद्रभान सिंह और राजकुमार उर्फ राजू सिंह घायल हो गए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, सुपारी देकर हत्या की साजिश रचने और पिस्टल उपलब्ध कराने वाले आरोपी अब तक फरार है। पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पाई है। इसी तरह शहर से लगे तिफरा क्षेत्र के खुशी विहार के पास होटल ग्रांड लोटस के पीछे एक युवक की जली हुई लाश मिली थी। उसके शव का अधिकांश हिस्सा जलने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस को शक है कि युवक की हत्या कर साक्ष्य और पहचान मिटाने के लिए लाश को जला दिया गया होगा। लेकिन, अब तक न तो मरने वाले की पहचान हो पाई है और न ही हत्यारे पकड़े गए हैं। वहीं, शहर में मारपीट और चाकूबाजी जैसी घटनाएं भी लगातार हो रही है।


