अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने बिलासपुर समेत 41 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। लंबे समय से इस लिस्ट का इंतजार किया जा रहा था और बिलासपुर में किस बड़े नेता की पकड़ चलेगी, इस पर कयास लगाए जा रहे थे। नियुक्ति आदेश जारी होते ही सभी दावे और कयास खत्म हो गए। पहली बार बिलासपुर शहर से 40 साल के युवा नेता सिद्धांशु मिश्रा को शहर अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र से महेंद्र गंगोत्री को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इस नियुक्ति से यह भी स्पष्ट हो गया है कि बिलासपुर में AICC सचिव देवेंद्र यादव का कद बढ़ा है, क्योंकि दोनों पदों पर उनकी टीम के सदस्य को मौका दिया गया है। सीनियर नेताओं का पसंद दरकिनार कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान का असर 28 नवंबर की रात कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव के साथ देखने को मिला। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर युवा नेता व प्रदेश सचिव सिद्धांशु मिश्रा की नियुक्ति की गई है, वहीं जिला ग्रामीण अध्यक्ष पद के लिए प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त सचिव महेंद्र गंगोत्री को जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही यह चर्चा भी चल रही है कि बिलासपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल, सांसद डॉ. चरणदास महंत, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव की पसंद को दरकिनार कर दिया गया है। जबकि, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज व बिलासपुर से सांसद का चुनाव लड़ने वाले भिलाई विधायक और AICC सचिव की टीम को महत्व दिया गया है। अब जानिए कौन-कौन जिलाध्यक्ष बनने कर रहे थे लाबिंग बता दें कि जब संगठन सृजन अभियान की शुरुआत हुई और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए AICC ने पर्यवेक्षक बनाकर भेजा, तब शहर के साथ ही ग्रामीण में अध्यक्ष बनने के लिए स्थानीय नेताओं ने लॉबिंग शुरू कर दी थी। शहर में जहां सामान्य वर्ग से पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, महेश दुबे, शिवा मिश्रा और सिद्धांशु मिश्रा का नाम दावेदारों में सामने आया था, वहीं, ओबीसी वर्ग से शैलेंद्र जायसवाल जैसे नेताओं का नाम भी था। इधर, ग्रामीण में सामान्य वर्ग से आशीष सिंह ठाकुर, राजेंद्र शुक्ला, ओबीसी वर्ग से सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद नायक, राजेंद्र साहू, लक्ष्मी साहू के साथ ही विनोद साहू और गीतांजलि कौशिक की दावेदारी मानी जा रही थी। वहीं, एससी वर्ग से मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, प्रेमचंद जायसी और महेंद्र गंगोत्री सहित अन्य ने अध्यक्ष बनने दावेदारी की थी। इस तरह दो पदों के लिए 20 से ज्यादा नेताओं की दावेदारी थी। लेकिन शहर में सिद्धांशु मिश्रा तो ग्रामीण में अध्यक्ष बनने महेंद्र गंगोत्री सफल रहे। अब ये अपनी कार्यकारिणी बनाएंगे। बड़े नेताओं की पसंद को किया दरकिनार AICC के पर्यवेक्षक और मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में किसी नेता के करीबी को मौका नहीं दिया जाएगा। केवल कांग्रेसी विचारधारा के युवाओं को जनसमर्थन से जिलाध्यक्ष बनाए जाएंगे। इसमें जातिय समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा। कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष ने भी कुछ इसी तरह के संकेत दिए थे। बिलासपुर में शहर और ग्रामीण दोनों ही पदों के लिए बड़े नेता अपने करीबी को पद दिलाने के लिए लाबिंग कर रहे थे। लेकिन, उनकी एक नहीं चली। जातिगत समीकरण का रखा ध्यान इसलिए कट गए आशीष सिंह यह भी तय था कि बिलासपुर समेत प्रदेश भर में जातिगत समीकरण को ध्यान में रखकर जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। ऐसे में शहर कांग्रेस कमेटी की कमान किसी ब्राह्मण नेता को सौंपने की बात सामने आई थी। क्योंकि, शहर में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या अधिक है। वहीं, जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण अध्यक्ष के लिए एससी वर्ग और ओबीसी नेता के लिए विचार चल रहा था। चूंकि, आशीष सिंह सामान्य वर्ग से आते हैं। शहर अध्यक्ष के लिए सिद्धांशु का नाम तय होने के साथ ही ग्रामीण अध्यक्ष के लिए आशीष सिंह का नाम कट गया। आखिरी समय में कटा दिलीप लहरिया का नाम बिलासपुर ग्रामीण के लिए आखिरी समय तक पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी दिलीप लहरिया का नाम तय माना जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि उनके नाम को काटने के लिए डॉ. चरणदास महंत, टीएस सिंहदेव और देवेंद्र यादव एक हो गए। चूंकि, महेंद्र गंगोत्री चरणदास महंत के भी करीबी रहे। ऐसे में देवेंद्र यादव ने ऐन वक्त पर उनके नाम को आगे कर दिया, जिस पर सभी बड़े नेताओं ने सहमति दे दी। इसके चलते दिलीप लहरिया का नाम कट गया। दोनों ही अध्यक्ष अंडर फिफ्टी, यह भी था क्राइटेरिया शहर में अध्यक्ष बनाए गए सिद्धांशु मिश्रा और जिला ग्रामीण अध्यक्ष बने महेंद्र गंगोत्री की आयु 50 वर्ष से कम है। अध्यक्ष बनाने का यह भी एक क्राइटेरिया था। इस क्राइटेरिया में बाकी नेता फिट नहीं थे। इसलिए भी उन्हें मौका नहीं मिला। पार्टी चाहती है कि जिसे जिम्मा दिया जाए, वह लंबी रेस का घोड़ा हो। दोनों ही अध्यक्ष युवा हैं और इनमें काफी संभावनाएं हैं। सिद्धांशु शहर कांग्रेस में महामंत्री व कोषाध्यक्ष रहे। साथ ही एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। साथ ही चुनावों में इनका हमेशा हस्तक्षेप रहा है। सिद्धांशु मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के साथ ही AICC सचिव देवेंद्र यादव के करीबी माने जाते हैं। यह भी है कि वो सीधे तौर पर किसी गुटबाजी में शामिल नहीं रहे। युवक कांग्रेस से अध्यक्ष बनने की परंपरा कायम ग्रामीण अध्यक्ष का जिम्मा एक बार फिर उस नेता को मिला, जिसने युवक कांग्रेस में बड़े पद पर लंबे समय तक काम किया है। पहले युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रहे राजेंद्र शुक्ला को ग्रामीण अध्यक्ष की कुर्सी दी गई थी, जबकि इसके बाद युवक कांग्रेस में ही अध्यक्ष रहे विजय केशरवानी को यह जिम्मा सौंपा गया था। अब इसी कड़ी में महेंद्र गंगोत्री को पार्टी ने यह जिम्मेदारी सौंपी है। गंगोत्री युवक कांग्रेस में जिला अध्यक्ष रहने के साथ ही एनएसयूआई में प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। साथ ही युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे हैं। जेल जाने और रावण दहन जैसे आंदोलन से मिला पद दूसरी तरफ शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बने सिद्धांशु मिश्रा को जब 8 साल पुराने जमीन विवाद में जेल भेजा गया, तब ये बात सामने आई कि उसकी सक्रियता को देखकर भाजपा नेता उसे राजनीतिक षडयंत्र के तहत दबाने का प्रयास कर रहे हैं। यही वजह है कि 8 साल पुराने केस की फाइल खुलवाकर उसे जेल भेज दिया गया। यह बात प्रदेश कांग्रेस कमेटी से लेकर AICC तक गई। दूसरा मौका अरपांचल लोकमंच के बैनर तले किए जा रहे रावण दहन पर कब्जा जमाने को लेकर सामने आया। सिद्धांशु मिश्रा के नेतृत्व में होने वाले रावण दहन कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई और उसकी जगह भाजपा समर्थित रावण दहन का आयोजन किया गया। इसके विरोध में भी सिद्धांशु मिश्रा ने चरणबद्ध आंदोलन छेड़ दिया। जिसका फायदा सिद्धांशु मिश्रा को मिला और शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल गई। …………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में AICC ने 41 जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी की: रायपुर में मेनन, बिलासपुर में सिद्धांशु, सुकमा में हरीश-लखमा को जिम्मेदारी,5 महिलाओं को भी मौका अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने छत्तीसगढ़ में 41 जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी कर दी है। रायपुर सिटी से श्रीकुमार शंकर मेनन, रायपुर ग्रामीण से राजेंद्र पप्पू बंजारे, बिलासपुर शहर से सिद्धांशु मिश्रा और बिलासपुर ग्रामीण से महेंद्र गंगोत्री को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सुकमा में पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बेटे हरीश लखमा को कमान सौंपी गई है। पढ़ें पूरी खबर…


