बिलासपुर जिले में सुशासन तिहार के दौरान मांग और शिकायतों के लिए रिकॉर्ड 1.94 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें सर्वाधिक 53 हजार आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े हैं। कलेक्टर अवनीश शरण ने टीएल बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी आवेदनों का गंभीरता से अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सचिवालय इस अभियान की निगरानी कर रहा है। सभी आवेदनों का 15 दिनों के भीतर निराकरण करना है। 1.81 लाख ग्रामीण क्षेत्र से आवेदन जिले में कुल प्राप्त आवेदनों में से 1.81 लाख ग्रामीण क्षेत्र से और 13 हजार शहरी क्षेत्र से हैं। विकासखंडवार देखें तो मस्तूरी से सर्वाधिक 54,985 आवेदन मिले हैं। बिल्हा से 49,685, तखतपुर से 48,878 और कोटा से 27,981 आवेदन प्राप्त हुए हैं। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र से सबसे कम 9,623 आवेदन मिले हैं। 5 मई से 31 मई तक पंचायत समूहों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आवेदनों के निराकरण की स्थिति से जनता को अवगत कराया जाएगा। सभी विभागों को शिकायतों की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी और इसकी पावती भी रखी जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि शिकायतों की जांच आवेदकों को विश्वास में लेकर की जाए। यदि आवेदक उपलब्ध न हों तो उन्हें फोन पर सूचित किया जाए। कुछ शिकायतों का निराकरण कार्यालय स्तर पर होगा, जबकि कुछ के लिए फील्ड विजिट की आवश्यकता होगी। 53383 ने मांगे मकान योजनावार आवेदनों में सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए रिकार्ड 53 हजार 383 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उज्ज्वला योजना के 4886, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2631, राशन कार्ड 2306, स्वच्छता 2295, राहत 1910, अतिक्रमण 1619, वृद्धावस्था सहायता 1536, सीमांकन बटवारा 1464, भूमि सुधार 1018, ट्रांसफॉर्मर और खम्भों की मांग, 935, आंगनबाड़ी भवन और केन्द्र 918, भूमि की मांग 776, हैण्डपंप की मांग 690, ऋण पुस्तिका की मांग 578, वन अधिकार पट्टे की शिकायत 424 सहित अन्य कई विभागीय मांग शामिल हैं। दफ्तर की सीट पर बैठे बिना उपस्थिति नहीं होगी कलेक्टर ने बताया कि कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर का मोबाइल ऐप विकसित किया जा रहा है। यह बायोमेट्रिक से एडवांस स्तर का होगा। चेम्बर में अपने टेबल पर बैठेंगे तभी यह रीड करेगा। जिनके अंगूठे की रेखाएं घिस गई हों तो फेस रिकग्निशन तकनीक से यह पकड़ लेगा। इसमें गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। ये ऐप कार्यालय के 10 मीटर से बाहर काम नहीं करेगा, इसलिए घर पर बैठकर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। खूंटाघाट बांध में अब 37 फीसदी पानी बचा बैठक में बताया गया कि जिले के सबसे बड़े खूंटाघाट बांध से 91 गांवों के 222 तालाब भर लिए गए हैं। इसके बाद बांध में 37 फीसदी पानी शेष है।


