बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाइवे पर ग्रामीणों ने आज ढाई घंटे तक चक्का जाम किया। सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चले इस प्रदर्शन के कारण सैकड़ों भारी वाहन फंस गए। ग्रामीण मानिकपुर, धुमा और सिलपहरी की जर्जर सड़कों के सुधार की मांग कर रहे थे। पुलिस, तहसीलदार और पीडब्ल्यूडी अधिकारी मौके पर पहुंचे और नवंबर तक सड़कों के सुधार का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने मानिकपुर, धुमा और सिलपहरी की खराब सड़कों के सुधार की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया। यह मांग पिछले 18 वर्षों से लंबित है और ग्रामीण पहले भी कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। स्थिति में सुधार न होने पर ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में ग्राम पंचायत धूमा की सरपंच पूजा विवेक पटेल, ढेका के सरपंच मनीष घोरे, मानिकपुर की सरपंच सुनीता केंवट और जनपद सदस्य रमादेवी मौर्य सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल थे। प्रदर्शन से हाइवे पर वाहनों की लगी लंबी कतारें प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम के लिए एनएच-40 स्थित ढेका चौक को चुना। यह स्थान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से पांच बड़े शहरों और जिला मुख्यालयों की ओर कई सड़कें निकलती हैं। प्रदर्शन के कारण हाइवे पर भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात बाधित हो गया। धूमा की सरपंच पूजा विवेक पटेल ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर पीडब्ल्यूडी ने कुछ जगहों पर गिट्टी डालकर गड्ढे भरवाए हैं। तहसीलदार मनीष साहू ने नवंबर तक सड़क के डामरीकरण का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दिए गए आश्वासन पर अमल नहीं किया गया, तो वे उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। 7 करोड़ का टेंडर विवाद में अटका मस्तूरी विधायक के प्रतिनिधि संतोष दुबे ने बताया कि धूमा-सिलपहरी- मानिकपुर हाइवे के सुधार के लिए पीडब्ल्यूडी ने 7 करोड़ का टेंडर किया था। जिला पंचायत में यह मुद्दा उठा था कि जिस व्यक्ति की रोड पर जमीन नहीं है, उसने नाहक मुआवजे की मांग उठा कर कार्य में बाधा उत्पन्न कर दिया है। दुबे का दावा है कि संबंधित गांव के सरपंच, पटवारी लिख कर दे चुके हैं कि आपत्ति करने वाले व्यक्ति की वहां जमीन नहीं है। खबर यह भी है कि टेंडर पर एक व्यक्ति की आपत्ति के बाद मामला अटक गया है। इसी वजह से निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। भारी वाहनों के गुजरने से सड़क जर्जर हो चुकी है और इसके तत्काल सुधार की जरूरत है। आरोप है कि सड़क जर्जर होने के कारण इस मार्ग पर अक्सर दुर्घटनाएं होते रहती हैं।


