बिल्डर ने फ्लैट बेचा; नौ साल बाद भी बिल्डिंग अधूरी, न ड्रेनेज, न सही पार्किंग

अपार्टमेंट के लोगों ने गिनाईं समस्याएं
हटिया सिंह मोड़ के लटमा में स्थित सांई एन्क्लेव अपार्टमेंट में 150 सदस्यों वाला 56 परिवार बिल्डर की वादाखिलाफी की सजा भुगत रहे हैं। अपार्टमेंट का निर्माण 2016 में शुरू हुआ। दो सालों में बिल्डिंग कंप्लीट करके फ्लैट हैंडओवर करने का वादा किया गया था। लेकिन 9 वर्ष के बाद भी बिल्डिंग अधूरी है। बिल्डर ने फ्लैट बेचने के समय एग्रीमेंट में जो भी वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया। फ्लैट खरीदारों ने थक-हार कर नगर निगम को बिल्डर के खिलाफ पत्र लिखा, लेकिन निगम के अफसरों ने भी फ्लैट खरीदारों के दर्द का आवेदन रद्दी में फेंक दिया। इसका नतीजा है कि पूरी बिल्डिंग जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। फ्लैट से निकलने वाला वेस्ट वाटर बेसमेंट में जमा हो जाता है। क्योंकि बिल्डिंग से पानी निकालने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बिल्डर ने शॉकपिट बनाकर उसी में सभी फ्लैट का वेस्ट वाटर डालने की व्यवस्था कर दी। जब शॉकपिट भर जाता है तो उसमें मोटर पंप लगाकर पानी को बाहर निकाला जाता है। सबसे खराब स्थिति बरसात में हो जाती है। जब बेसमेंट में पांच-छह फीट पानी जमा हो जाता है। जिसके बाद एक भी वाहन की पार्किंग बेसमेंट में नहीं हो पाती है। बेसमेंट से पानी निकालने के लिए तीन से चार पंप लगाना पड़ता है। इस बार भी सभी परिवार काफी डरे-सहमे हैं, क्योंकि 45 दिन बाद मानसून की बारिश शुरू होने वाली है। ऐसे में एक बार फिर नारकीय स्थिति बनेगी। सभी परिवारों ने एक स्वर में बिल्डर पर कार्रवाई करते हुए एग्रीमेंट की शर्तों का पालन करने की गुहार नगर निगम आैर रांची डीसी से लगाई है। लिफ्ट खराब, थंडरिंग सेफ्टी नहीं फ्लैट खरीदारों ने कहा कि बिल्डर ने करीब 50 लाख में एक फ्लैट बेचा है। लेकिन लिफ्ट की स्प्रिंग खराब होने से हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। फ्लैट में बिजली का कनेक्शन दिया गया है, लेकिन अर्थिंग नहीं होने से वोल्टेज ऊपर-नीचे होते रहता है। इलेक्ट्रिक उपकरण अक्सर खराब हो जाते हैं। करंट लगने का डर है। दूसरी ओर आकाशीय बिजली से बचने के भी उपाय नहीं है। क्योंकि, बिल्डिंग के ऊपर तड़ित चालक नहीं लगाया गया है। बिजली कड़कने पर सभी लोग डर जाते हैं। ये वायदे अधूरे… 1.अपार्टमेंट तो बन गया अभी तक बिल्डर ने पेंट तक नहीं कराया है। यहां रहने वाले परिवार फ्लैट के अंदर पुट्टी-पेंट स्वयं करा रहे हैं। 2. बिल्डिंग की दीवार कई जगह क्रैक हो गई है। जितने लिफ्ट लगाने थे, नहीं लगाएं गए। सिर्फ तोड़-फोड़ कर छोड़ दिया गया है। 3. बाथरूम-किचन का पानी बाहर नहीं निकलता, बारिश का पानी भी बेसमेंट में जमा हो जाता है। सड़क पर चलने की स्थिति भी नहीं रहती। निगम की नाली से जोड़ना बिल्डर की जवाबदेही नगर निगम की नाली से बिल्डिंग की नाली को जोड़ना बिल्डर की जिम्मेदारी है। नक्शा पास करने के समय बिल्डर द्वारा कुछ राशि जमा ली जाती है। नाली बनाने के बाद निगम वह राशि लौटाता है। अधिकतर बिल्डर नाली नहीं बनाते। आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लिया है या नहीं, इसकी जांच होगी। – संदीप सिंह, प्रशासक, निगम आउटर ड्रेनेज नगर निगम ही दे सकता है : बिल्डर यह है खासियत… 1. लटमा स्थित इस साईं एन्क्लेव फेज -2 में 4 ब्लॉक हैं। मिल-जुल कर रहते हैं सभी परिवार, कई कार्यक्रम का होता है आयोजन। 2. इनमें से 3 ब्लॉक में प्रत्येक में 16-16 फ्लैट हैं और एक में 8 फ्लैट हैं। सभी 3 बीएचके हैं। अपार्टमेंट तक आने-जाने के सभी रास्ते ठीक हैं। 3. अपार्टमेंट की दूरी बिरसा चौक से करीब 5 किमी है। यहां तक सभी गाड़ियां पहुंचती हैं। सोसाइटी है, जो मेंटेनेंस का ध्यान रखती है। कंटेंट : शशि कुमार, खुश्बू सिंह। फोटो : संदीप नाग अभी तो बेसमेंट सूखा हुआ है क्योंकि गर्मी का मौसम है। पिछले बरसात में बेसमेंट का नजारा कुछ इस तरह का था, जिसमें कोई गाड़ी पार्क कर ही नहीं कर सकता। अपनी सोसाइटी की समस्या बताएं फ्लैट खरीदारों ने कहा- बिल्डर ने पूरा नहीं किया एक भी वादा, निगम के अफसरों ने भी साधी चुप्पी यह सिर्फ एक शिकायत नहीं, हक की बात है… और जब हक की बात होगी, इसे जिम्मेदारों तक पहुंचाएगा भास्कर… लटमा के श्री सांई एन्क्लेव अपार्टमेंट के निवासी बोले, समस्याओं का अंबार… भास्कर को अपनी सोसाइटी में बुलाने के लिए 9431363003, 9334308093 नंबर पर संपर्क करें या वॉट्सएप पर समस्या भेजें। आरके रंजन: बिल्डर ने हमें पूरी तरह से ठगा है, सुविधाएं मांगने पर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं रहता। हम सभी खरीददारों को ठगने वाले ​बिल्डर पर कार्रवाई होनी चाहिए। सुषमा गुप्ता : बेसमेंट में पानी भरने की वजह से लिफ्ट में भी करंट आ जाता है। इससे लोगों की कभी भी जान जा सकती है। कई लिफ्ट तो काम नहीं करते, क्वालिटी भी खराब। रवि कुमार: किसी को आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है। यहां के सभी लोग होल्डिंग शुरू से जमा कर रहे हैं। अपार्टमेंट में समस्याओं का अंबार है। बेसमेंट में पानी जमा होने से बिल्डिंग के ​िपलर भी कमजोर हो रहे हैं। रश्मि श्रीवास्तव : मेरे बच्चे विदेश में रहते हैं, वे कहते हैं अपार्टमेंट अंडर कंस्ट्रक्शन है, फ्लैट बेच दें। बिल्डर ने कहा था कि सभी सुविधाएं मिलेंगी, पर खरीदने के बाद वो एक बार यहां झांकने भी नहीं आया। किरण देवी : अपार्टमेंट में इतनी समस्याएं हैं कि इस अपार्टमेंट के लोगों में कई दफा आपसी मन-मुटाव हो जाता है, जिससे यहां का हेल्दी इन्वायरन्मेंट खराब होता है और इसका असर बच्चों पर भी पड़ता है। मीना पांडेय : जब मैंने फ्लैट लिया उस समय जनरेटर, पार्किंग और लिफ्ट के लिए 2.5 लाख रुपए दिए थे, पर आज तक पार्किंग की व्यवस्था सही नहीं की गई। जो पहले पहुंचते हैं, वे अपनी गाड़ी लगा लेते हैं। धीरेंद्र मिश्रा : बिल्डर ने कोई भी वादा पूरा नहीं किया। यहां के निवासी ठगे गए हैं। पार्किंग अच्छे से न बने होने के कारण कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे भी हैं। बिल्डर ने प्लेग्राउंड, ​िजम बनाने की बात कही थीस वह भी नहीं बना। प्रमोद यादव : पूरे बरसात भर 3-4 मोटर 24 घंटे चलता रहता है, तब पानी थोड़ा-बहुत कम होता है, जो पर्याप्त नहीं है। हम अपार्टमेंट वाले मिलकर पंप का खर्च उठाते हैं। बिल्डर ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। शैलेंद्र मोहन : बेसमेंट में अभी तो पार्किंग हो रही है, लेकिन बरसात में पार्किंग के लिए जगह नहीं मिल पाती, बेसमेंट में पानी भरा रहता है। बाहर रास्ते में जहां खाली दिखता है, वहां लोग अपनी गाड़ी लगा देते हैं। दिलीप कुमार: पानी की निकासी की सुविधा नहीं है। ड्रेनेज की सुविधा तो है, लेकिन घर का गंदा पानी भी बाहर निकालने के लिए मोटर चलाना पड़ता है। बरसात में स्थिति बद से बदतर हो जाती है।

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