भिंड में बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए धर्मपुरी क्षेत्र में संचालित अवैध पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। एमएस ट्रेडर्स नाम से बिना मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस चल रही इस यूनिट में टीम ने बिस्लरी की लगभग हूबहू दिखने वाली डुप्लीकेट “ब्राइसलरी” पैकिंग में पानी तैयार होते हुए पकड़ा। विभाग ने मौके से हजारों बोतलें जब्त कर फैक्ट्री को तुरंत सील कर दिया। टीम पहुंची तो गेट बंद किया एमएस ट्रेडर्स का लाइसेंस नई आबादी गौरी सरोवर रोड के पते पर था, लेकिन फैक्ट्री धर्मपुरी स्थित मुक्तिधाम के पास गुपचुप चल रही थी। जैसे ही अधिकारी रीना बंसल व रेखा सोनी पुलिस दल के साथ पहुंचे, फैक्ट्री के अंदर मौजूद कर्मचारियों ने गेट खोलने से साफ मना कर दिया।आखिरकार पुलिस की दखल के बाद गेट खुलवाया गया। अंदर मशीनें चालू मिलीं और पानी की पैकिंग जारी थी। बिस्लरी जैसे रैपर तैयार, चार साइज की बोतलें भी मिली जांच में टीम को ‘ब्राइसलरी’ और ‘एक्वा’ ब्रांड की भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री मिली—जो बिस्लरी के डिजाइन से काफी मेल खाती थी। फैक्ट्री में 200 ML, 500 ML, 1 लीटर और 2 लीटर की बोतलों का खुलेआम उत्पादन हो रहा था। करीब दो हजार से अधिक भरी हुई बोतलें भी मौके पर मिलीं। यूनिट ट्रेडिंग के नाम पर लाइसेंस लेकर चोरी-छिपे मैन्युफैक्चरिंग कर रही थी, जो गंभीर उल्लंघन है। पहले भी पकड़ी जा चुकी, फिर चालू कर दी फैक्ट्री यह वही फैक्ट्री है जिस पर 2019 में अनियमितताओं के चलते दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। कार्रवाई के बाद भी यूनिट ने दोबारा अवैध तरीके से उत्पादन शुरू कर दिया था। सैंपल भेजे गए भोपाल विभाग ने मौके पर सैंपल लेकर भोपाल लैब भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा “पेयजल से छेड़छाड़ सीधे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी। धर्मपुरी क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यूनिट में देर रात तक पैकिंग का काम चलता दिखता था। उन्हें संदेह था, लेकिन जांच के बाद अब साफ हो गया कि बिना अनुमति नकली ब्रांड के नाम पर पानी बेचा जा रहा था।कार्रवाई के बाद से इलाके में विषय को लेकर चर्चा गर्म है। भिंड के खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना बंसल का कहना है कि शहर के धर्मपुरी क्षेत्र में बिना अनुमति चल रही पानी की फैक्ट्री पर कार्रवाई की गई है। बड़ी मात्रा में नकली रेपर मिले हैं। फैक्ट्री को सील कर सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। भोपाल से रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई होगी।


