बिहार के मोतिहारी जिले के निवासी प्रभूजी बिगन साहनी तीन साल बाद अपने परिवार से मिले। मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रभूजी को उनके भतीजे सोनालाल गुरुवार को रतनगढ़ स्थित अपना घर आश्रम से अपने साथ घर ले गए। प्रभूजी बिगन साहनी को नेपाल से रेस्क्यू किया गया था। अपना घर आश्रम के सचिव कुलदीप व्यास ने बताया कि आश्रम ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी डॉ. विजय प्रकाश गोयल के निर्देशन में किए गए प्रयासों से साहनी के परिजनों से संपर्क स्थापित हुआ। परिजनों को सूचना मिलने पर साहनी के भतीजे सोनालाल तुरंत आश्रम पहुंचे। आश्रम में चाचा को सकुशल देखकर भतीजे ने उन्हें गले लगा लिया। इस भावुक पल के दौरान दोनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। आश्रम परिवार के डॉ. गोपालदत्त शर्मा, नरेंद्र झंवर और विकास ने बिगन साहनी और उनके भतीजे का साफा व दुपट्टे से स्वागत कर विदा किया। डॉ. विजय प्रकाश गोयल ने बताया कि अपना घर आश्रम भरतपुर मुख्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार लावारिस, असहाय, बीमार और निशक्त व्यक्तियों की सूचना मिलने पर उन्हें रेस्क्यू कर आश्रम में प्रवेश दिया जाता है। परिवार की जानकारी मिलने पर उनके पुनर्वास का प्रयास किया जाता है। यह रतनगढ़ के स्थानीय अपना घर आश्रम से हुआ पहला पुनर्वास है। इस अवसर पर हेमंत प्रजापत, प्रवीण व्यास, सूर्यांश शर्मा, जयकृष्ण पारीक, आकाश और अंकित जांगिड़ सहित अन्य लोग मौजूद थे।


