संजय तिवारी | अमृतसर शहर में घनी धुंध की शुरूआत हो चुकी है, लेकिन निगम की तैयारियां अब भी कागजों तक सीमित नजर आ रही हैं। धुंध के मौसम में जहां रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड और चेतावनी संकेत अनिवार्य होते हैं, वहीं बटाला रोड स्थित करीब तीन किलोमीटर लंबे बीआरटीएस पुल पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। यही लापरवाही शनिवार सुबह एक बड़े हादसे की वजह बनते-बनते रह गई। वहीं जब निगम अधिकारी से रिफ्लेक्टर न लगाने का कारण पूछा तो उन्होंनें साफ तौर पर कह दिया था यह बीआरटीएस पुल आम पब्लिक के लिए नहीं है। इसे पुलिस ने चला रखा है, जबकि ट्रैफिक एडीसीपी ने कहा कि निगम ने पुल बंद करने को लेकर कभी भी लेटर उन्हें नहीं दिया है और वैसे भी यह रास्ता पहले से ही चल रहा है। निगम ने इस बीआरटीएस पुल के रास्ते को बंद करने के लिए पुलिस को कोई लेटर नहीं निकाला है। जो इसे पुलिस बंद करेगी। वहीं बीआरटीएस की बसे बंद है, जिसके कारण आम पब्लिक इसका इस्तेमाल कर रही है। अगर इस रास्ते को बंद कर भी दिया जाए, तो नीचे रोड पर हमेशा ट्रैफिक जाम रहेगा। बीआरटीएस पुल पर कोई रिफ्लेक्टर नहीं है तो वह इसका इंतजाम करवाकर खुद लगवाएंगे। – अमनदीप कौर, एडीसीपी ट्रैफिक। ^बीआरटीएस पुल आम पब्लिक के लिए नहीं, पुलिस ने इसे चला रखा निगम एसई बीआरटीएस पुल आम पब्लिक के लिए नहीं बना है। यह सिर्फ बीआरटीएस बसों के चलने के लिए है। इसे पुलिस ने आम पब्लिक के लिए खोल रखा है। पुलिस को इस पुल को बंद कर देना चाहिए। अभी बीआरटीएस की बसे बंद है। फिर भी जांच कर रिफ्लेक्टर लगाया जाएगा। हालांकि शहर में रिफ्लेक्टर लगाने की कार्रवाई जारी है। – संदीप , एसई निगम। शनिवार सुबह करीब 8 बजे फिरोजपुर के जीरा नंबर की एक कार बीआरटीएस पुल पर कोरिडोर के डिवाइडर से जा टकराई। जिसके बाद फ्रंट के दोनों एयरबैग खुल गए। कार सवार दो युवक बाल-बाल बचे। जानकारी के मुताबिक युवक अपने साथी के साथ वेरका की ओर से सिटी की तरफ आ रहे थे। जैसे ही वे ग्रेस सुपर अस्पताल के पास पहुंचे, धुंध के कारण सामने लगा डिवाइडर दिखाई नहीं दिया और कार सीधे उससे भिड़ गई। हादसे के बाद करीब एक घंटे तक ट्रैफिक जाम लगा रहा। जो लोग खुद जाम को धीरे-धीरे निकाल रहे थे। गौर हो कि शहर में हर साल धुंध के मौसम में हादसों का आंकड़ा बढ़ता है, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से समय रहते इंतजाम नहीं किए जा रहे। बटाला रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर बीआरटीएस कॉरिडोर का बिना रिफ्लेक्टर होना गंभीर चूक मानी जा रही है। हालांकि 27 नवंबर को डीसी दलविंदरजीत सिंह ने एनएसआईए, निगम व अन्य विभागों के साथ मीटिंग कर संबंधी हाईवे, सड़कों और पुल पर रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड, सफेद पट्टी लगाने के निर्देश दिए थे। 23 दिन बीत जाने के बाद भी निगम ने बीआरटीएस पुल पर किसी भी तरह के रिफ्लेक्टर या साइन बोर्ड नहीं लगाए। इस हादसे के बाद दैनिक भास्कर की टीम ने वेरका बाईपास से सेलिब्रेशन तक 3 किमी बीआरटीएस पुल पर जांच किया। इस पुल पर आते चार कोरिडोरी पर किसी भी तरह का रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड का नामोनिशान देखने को नहीं मिला। वहीं डिवाइडर पर लगे पाइप एंगल भी टूटे हुए थे। जो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों का कहना है कि उक्त डिवाइडर पर न तो रिफ्लेक्टर लगे हैं और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। धुंध में यह डिवाइडर पूरी तरह अदृश्य हो जाता है।


