भास्कर न्यूज | सरायकेला प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी दिनेश कुमार दंडपात ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय कृष्णापुर और राजकीय बुनियादी विद्यालय सीनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर उन्होंने संबंधित प्रधानाध्यापकों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उत्क्रमित मध्य विद्यालय कृष्णापुर में निरीक्षण के समय प्रधानाध्यापक अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने बैंक जाने की जानकारी देते हुए विद्यालय में एक लिखित पत्र छोड़ा था। विद्यालय में कुल चार शिक्षकीय स्टाफ पदस्थापित हैं, जिनमें से दो अवकाश पर थे। उपस्थित शिक्षकों की निगरानी में कक्षा संचालन किया जा रहा था। छात्र उपस्थिति की जांच में कक्षा 1 से 5 तक कुल 64 में से 56 छात्र उपस्थित पाए गए, जबकि कक्षा 6 से 8 तक 54 में से 49 छात्र उपस्थिति दर्ज किए गए। निरीक्षण के दौरान प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को विद्यालय में लेसन प्लान उपलब्ध नहीं मिला। साथ ही मध्याह्न भोजनों तैयार कर रही रसोइया माता निर्धारित मानकों के अनुसार एप्रन और टोपी में नहीं पाई गईं, जिसे लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। इसके बाद उन्होंने राजकीय बुनियादी विद्यालय सीनी का निरीक्षण किया, जहां कई कमियां सामने आईं। विद्यालय के रसोईघर में बिजली की व्यवस्था नहीं पाई गई। यहां भी लेसन प्लान का अभाव था और प्रोजेक्ट रेल रजिस्टर सहित अन्य आवश्यक रजिस्टर का उचित मेंटेन नहीं किया गया था। छात्र उपस्थिति की जांच में कक्षा 1 से 5 तक कुल 54 में से 41 छात्र उपस्थित मिले, जबकि कक्षा 6 से 8 तक 52 में से 33 छात्र ही मौजूद थे। बीईईओ दिनेश कुमार दंद्रपद ने दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षण कार्य की गुणवत्ता और विद्यालय संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि लेसन प्लान तैयार करने,एमडीएम व्यवस्था सुधारने और सभी अभिलेखों को अद्यतन रखने पर तुरंत ध्यान दिया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।


