बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एससी दुबे ने विश्वविद्यालय कर्मियों से आग्रह किया है कि वे बीएयू को पूर्वी भारत के अग्रणी कृषि विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने का समेकित प्रयास करें। कुलपति गुरुवार को मुख्यालय ग्राउंड में नववर्ष स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने कर्मियों को जीवन यापन, परिवार का भरण पोषण करने और अपना छत बनाने का साधन उपलब्ध कराया व समाज में पहचान, प्रतिष्ठा दी है इसलिए वे ऐसा कोई भी कार्य नहीं करें, जिससे विश्वविद्यालय की छवि को आंच आए। विश्वविद्यालय की शिक्षण, शोध, प्रसार और बीज उत्पादन उपलब्धियां की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों-वैज्ञानिकों की घोर कमी के बावजूद विद्यार्थी अच्छा रिजल्ट प्राप्त कर रहे हैं और देश के अग्रणी कृषि विश्वविद्यालयों और व्यवसाय प्रबंधन संस्थानों की पीजी प्रवेश परीक्षा में सफल हो रहे हैं, उनका प्लेसमेंट भी उत्तरोत्तर बेहतर हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से लंबित शिक्षकों की प्रोन्नति की प्रक्रिया पूरी हो गई है जिसे इसी माह नोटिफाई कर दिया जाएगा। सभी संवर्ग के शिक्षकेतर कर्मियों की प्रोन्नति संबंधी नियमावली बनाने का कार्य अंतिम चरण में है।


