बीएलओ एप में दोबारा खुला मैपिंग का ऑप्शन

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत नो मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई का काम जारी है। तहसील और वार्ड दफ्तरों में एईआरओ 1 लाख 16 हजार 925 मतदाताओं की सुनवाई कर रहे हैं। जिले की बैरसिया, उत्तर, नरेला, मध्य, दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा के 8 हजार 120 मतदाताओं ने सुनवाई में पहुंचकर दस्तावेज पेश कर दिए हैं। चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए बीएलओ एप में दोबारा से मैपिंग का विकल्प खोल दिया है। यदि किसी मतदाता का खुद का या माता-पिता का वर्ष 2003 की वोटर सूची में नाम मिल जाता है, तो बीएलओ उसे सीधे लिंक कर देगा। इससे मतदाता को सुनवाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा। नो मैपिंग वाले मतदाताओं की सुनवाई 14 फरवरी तक की जानी है। अब तक करीब 75 हजार मतदाताओं को नोटिस दिए गए हैं। इन मतदाताओं को अलग-अलग दिनों के हिसाब से बुलाया गया है। मतदाताओं को उम्र के हिसाब से खुद का और अपने माता-पिता के जन्म से जुड़े दस्तावेज पेश करने पड़ेंगे। दो बहनों की मैपिंग, तीसरी अनमैप
नो मैपिंग में सुनवाई के लिए दक्षिण-पश्चिम विधानसभा के शास्त्री नगर सामुदायिक भवन में आईं नया बसेरा की रहने वाली महिला मतदाता सुनीता यादव, पत्नी केदारनाथ यादव, ने बताया कि उनके पिता उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रहते हैं। वहां उनकी दो बहनों का नाम पिता के डेटा से मैप हो गया था। एसआईआर के दौरान वह बाहर चली गई थीं, तो उनका नाम नो मैपिंग श्रेणी में डाल दिया गया। नोटिस मिलने के बाद पिता की 2003 की मतदाता सूची की जानकारी दे दी है। बीएलओ सुनीता भीमटेक ने बताया कि पिता की जानकारी के आधार पर सुनीता की मैपिंग कर ली गई है। नए आवेदन कर सकेंगे मतदाता
नो मैपिंग मतदाताओं के लिए बीएलओ एप में मैपिंग का विकल्प आ गया है। यदि किसी मतदाता का लिंक मिल गया है, तो वह बीएलओ को जानकारी दे सकता है। ऐसे मतदाताओं को दस्तावेज पेश करने की जरूरत नहीं है। नए मतदाता भी 22 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
भुवन गुप्ता, उप जिला निर्वाचन अधिकारी

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