राजस्थान से मॉस्को (रूस) में पढ़ाई के लिए गए एक स्टूडेंट ने दावा किया है कि उसे जबरन युद्ध के मैदान में उतारा गया है। उसने दो वीडियो भी परिवार को भेजे हैं, जिसमें वो सेना की वर्दी में नजर आ रहा है। उसने दावा किया है उसके जैसे और भी यहां कई स्टूडेंट हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध में उसके एक दोस्त की मौत भी हुई है। वीडियो सामने आने के बाद से परिवार परेशान है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। वे सरकार से उनके इकलौते बेटे को वापस लाने की मांग कर रहे हैं। लैंग्वेज कोर्स में लिया था एडमिशन अजय बीकानेर के अरजनसर गांव का रहने वाला है। नवंबर 2024 में अजय मास्को में लैंग्वेज की पढ़ाई करने गया था। उसने 11 सितंबर को दो वीडियो परिवार को भेजे थे। अजय ने बताया कि नवंबर के बाद उन्हें और उनके कुछ दोस्तों को रूसी सरकार ने एक ट्रेनिंग के लिए भेजा। ट्रेनिंग के बाद उन्हें युद्ध के लिए रवाना कर दिया था। अब जानिए- दो अलग-अलग वीडियो में अजय ने क्या कहा… वीडियो नंबर 1: वह अभी यूक्रेन में है। तीन महीने की ट्रेनिंग लेने की बात कहते हुए कहा गया था कि हर हाल में युद्ध के मैदान में उतरना होगा। नौ भारतीय स्टूडेंट्स को भी ट्रेनिंग दी गई थी। जब ट्रेनिंग लेने से मना किया तो रूसी सेना के जवानों ने साफ कह दिया कि आप यूक्रेन की जमीन पर हो। आगे कोई सुनने वाला नहीं है, एक बार परिवार से बात कर लो। आशंका है कि ये मेरा लास्ट वीडियो हो। वीडियो नंबर 2: हमारे ऊपर हवाई फायर हुए हैं। मिसाइलें दागी गई हैं। हम चार बंदे थे, जिसमें एक तो वहीं खत्म हो गया। दो भाग गए और मैं रास्ता भटक गया। आठ दिन बाद मेरी बटालियन ने ढूंढ़कर अब सेना को सौंपा है, जो अभी सेलिडोज सिटी के अंदर है। ये सिटी भी यूक्रेन में है। यहां रूस ने कब्जा कर रखा है। अभी तय नहीं है कि मुझे वापस आगे भेजेंगे या यहीं पर रखेंगे। हमारे साथ धोखा हुआ है। मां बोली- मेरे इकलौते बेटे को लौटा दो अजय की मां का कहना है कि हम कहां जाएं, कौन हमारी मदद करेगा। हम सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि कैसे भी हमारे इकलौते बेटे को वापस लाया जाए। हमारा उसके सिवा और कोई नहीं है। उसके बहुत अरमानों के साथ पढ़ने भेजा था, पता नहीं था वो ऐसे वहां फंस जाएगा। 15 दिन से बेटे से कोई संपर्क नहीं- पिता अजय के पिता का कहना है कि पिछले 15 दिन से उसका बेटे से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। ऐसे में उसे अपने बेटे की सलामती को लेकर भी चिंता है। उसे तीन महीने की सामान्य ट्रेनिंग बताकर सेना में भर्ती किया गया था। यूक्रेन बॉर्डर पर ये कहकर बुलाया गया था कि यहां पर किचन का काम करना है। इसके बाद सीधे युद्ध में उतार दिया। विदेश मंत्रालय ने जारी की थी एडवाइजरी…. बीते कुछ दिनों में राजस्थान के अलावा, हरियाणा और पंजाब के बाद ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं। जिसमें युवक धोखे से उन्हें यूक्रेन युद्ध में धकेलने का दावा कर रहे हैं। ऐसे वीडियो सामने आने के बाद 11 सितंबर 2025 को भारते के विदेश मंत्रालय ने एक एडवाइजरी भी जारी की थी। जानें- क्या है वो एडवाइजरी… …. इंडियन स्टूडेंट्स को यूक्रेन युद्ध में धकेलने से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… रूसी आर्मी का डरावना सच, भर्ती के लिए नेटवर्क सक्रिय:हरियाणवी युवक बोला- 10 दिन की ट्रेनिंग, फिर मरने को यूक्रेन युद्ध में छोड़ रहे रूस-यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जंग जारी है। रूसी सेना पर वहां आए कई भारतीयों को लालच देकर सेना में भर्ती करने और जंग में धकेलने के आरोप लग रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए…


