बीकानेर के प्राइवेट हार्ट केयर सेंटर में रोगी की मौत के मामले में पीबीएम अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने डॉक्टर को क्लीनचिट दे दी है। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता कई दिन से धरने पर हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परिजन से बात करनी चाहिए थी। सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया-प्रथम दृष्ट्या डॉक्टर की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई। कांग्रेस नेताओं ने लगाया था इलाज में लापरवाही का आरोप पिछले दिनों 12 सितम्बर को रामेश्वर लाल पुत्र मुखराम की मौत हो गई थी। मौत पर कांग्रेस नेताओं ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। इसी को मुद्दा बनाकर कांग्रेस नेता रामनिवास कूकणा आंदोलन कर रहे हैं। डॉक्टर बोले-इलाज में लापरवाही नहीं आयुष्मान हार्ट केयर सेंटर और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.बी.एल. स्वामी ने बताया कि उन पर लगे आरोपों को मेडिकल बोर्ड ने प्रथम दृष्टया खारिज कर दिया है। दो पेज की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि रोगी के उपचार में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही सामने नहीं आई है। वहीं इस मामले में अंतिम निर्णय पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर ही हो सकता है। डॉ. स्वामी का कहना है कि इस मामले में उन पर गंभीर गलत आरोप लगाए गए थे, जिस पर मानहानि का मामला बनता है। उन्होंने दो करोड़ रुपए की मानहानि का दावा करने की जानकारी दी है। उधर, कांग्रेस नेता रामनिवास कूकणा का कहना है कि मेडिकल बोर्ड ने मृतक के परिजनों से किसी तरह की बात ही नहीं की। ऐसे में ये ही फैसला आना तय था। मेडिकल बोर्ड को मृतक के परिजनों से बातचीत करनी चाहिए थी।


