बीकानेर-जोधपुर में खेजड़ी काटने पर रोक, पर्यावरण प्रेमियों ने देर रात अनशन तोड़ा

बीकानेर | खेजड़ी बचाओ-पर्यावरण बचाओ आंदोलन के चौथे दिन राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल महापड़ाव स्थल पर पहुंचा। उद्योग राज्य मंत्री केके बिश्नोई ने मंच पर जाकर बताया कि राज्य सरकार ने बीकानेर और जोधपुर संभाग में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस पर संतों ने आमरण अनशन तोड़ दिया, जबकि पर्यावरण प्रेमी पूरे राजस्थान में प्रतिबंध लगाने की मांग पर अड़ गए और अनशन खत्म करने से मना कर दिया। हालांकि देर रात 1 बजे पर्यावरण प्रेमियों ने भी अनशन तोड़ दिया। कानून न बनने तक महापड़ाव जारी रहेगा। पर्यावरण प्रेमी अब क्रमिक अनशन करेंगे। इससे पहले महापड़ाव पर आमरण अनशन वालों की संख्या 450 से बढ़कर 537 तक जा पहुंच गई। जसवंत सिंह, पब्बाराम बिश्नोई और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई के साथ मंच पर पहुंचे मंत्री ने संतों की मांग पर बीकानेर और जोधपुर संभाग में खेजड़ी की कटाई पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने के आदेश मोबाइल पर मंगवाए और पढ़कर सुनाए। यह दोनों संभागीय आयुक्तों की ओर से जारी किए गए हैं। मंत्री ने आश्वस्त किया कि खेजड़ी के संरक्षण के लिए इसी विधानसभा सत्र में कठोर कानून लाया जाएगा। आंदोलन संयोजक परसाराम बिश्नोई ने महापड़ाव और आमरण अनशन जारी रखने की बात कही है। भावुक हुए पर्यावरण प्रेमी, नहीं तोड़ा अनशन | राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल को पर्यावरण प्रेमियों और संतों ने लंबा भाषण नहीं देने दिया। मंत्री केके बिश्नोई को संत सरजूदास महाराज ने बीच में टोकते हुए केवल खेजड़ी की बात करने कहा। मंत्री ने तत्काल हाथ जोड़ते हुए कहा कि दो संभागों की मांग थी, जो सरकार ने मान ली है। संतों ने जब नागौर की बात कही, तो मंत्री टाल गए। इससे पहले पब्बाराम बिश्नोई, जसवंत सिंह और बिहारीलाल बिश्नोई ने भी अपनी बात रखी। बिहारी बिश्नोई ने भाषण के बीच जैसे ही विष्णु बिश्नोई का जिक्र छेड़ना चाहता तो भीड़ ने विरोध किया। यह देख संतों ने भी साफ-साफ चेताया कि मंच पर केवल खेजड़ी की बात ही करें। विषय बदलने की कोशिश ना करें। मंत्री केके बिश्नोई को भाषण के बीच संतों ने टोका खेजड़ी को बचाने के लिए कानून लाएगी सरकार आदेश में चार बार संशोधन करना पड़ा : राज्य सरकार के निर्देश पर बीकानेर और जोधपुर के संभागीय आयुक्त ने अपने-अपने संभाग के जिला में खेजड़ी काटने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए थे। यह आदेश मंत्री केके बिश्नोई को मोबाइल पर भेजे गए। बिश्नोई ने पढ़कर सुनाया तो अस्पष्ट लगे। संतों की बार-बार आपत्ति के कारण चार बार आदेश संशोधित किए गए। -बीकानेर फ्रंट पेज भी देखें गुरुवार को 83 अनशनकारी गश खाकर गिर पड़े। स्वयं सेवकों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। मंच पर विवाद : मंच पर उस समय विवादास्पद हालात पैदा हो गए, जब पर्यावरण संरक्षण समिति के संयोजक रामगोपाल को एक संत ने उन्हें बीच में टोक दिया। दरअसल रामगोपाल ने सरकार के प्रतिनिधिमंडल के फैसले को पहले संघर्ष समिति की कोर कमेटी में रखने की बात कही तो संत नाराज हो गए। एक संत ने कहा आंदोलन शुरू करने के लिए संतों को आगे रखा था, इसलिए बात संतों से ही होनी चाहिए। कुछ देर के लिए माहौल गर्मा गया। अन्य संतों ने साथी संत के शब्दों को लेकर माफी भी मांगी। उसके बाद रामगोपाल को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। विधानसभा में गुरुवार को सीएम भजनलाल ने कहा कि खेजड़ी राजस्थान की पहचान है। कल्पवृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए कानून लाएंगे। वहीं, वृक्षारोपण महा अभियान में पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाएंगे। 83 अनशनकारी गश खाकर गिरे, 9 को रेफर किया अनशन खोलते संत।

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