बीकानेर के पब्लिक पार्क स्थित बिश्नोई धर्मशाला के आगे चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन तीसरे दिन भी जारी है। कड़ाके की सर्दी के बावजूद अनशनकारी देर रात तक पंडाल में डटे रहे और आंदोलन को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने से इनकार किया। 450 से ज्यादा अनशनकारी, संत और 50 से अधिक महिलाएं शामिल इस अनशन में साढ़े चार सौ से ज्यादा पर्यावरण प्रेमी बैठे हैं, जिनमें कई संत भी शामिल हैं। आंदोलन में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। 50 से अधिक महिलाएं अनशन पर हैं, जिनमें जोधपुर की निरमा बिश्नोई भी शामिल हैं। निरमा बिश्नोई हाल ही में मुकाम में दिए गए अपने बयान को लेकर चर्चा में रही थीं। उन्होंने सभी सरपंचों से अपील की थी कि यदि उनके क्षेत्र में अवैध कटाई होती है तो सबसे पहले सरपंच को ही उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। आंख पर पट्टी बांधकर अनशन पर बैठे महेंद्रकुमार आंदोलन के दौरान एक अनोखा रूप भी सामने आया है। महेंद्रकुमार नामक व्यक्ति आंखों पर पट्टी बांधकर अनशन पर बैठा है। उसने साफ कहा है कि जब तक कोई निर्णय नहीं होता, तब तक आंखों से पट्टी नहीं खोलेगा। भारी पुलिस जाब्ता तैनात, 24 घंटे निगरानी आंदोलन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बीकानेर के सभी शहरी थानों के थानाधिकारी मौके पर मौजूद हैं। आरएसी के जवान और एसटीएफ की टीम भी तैनात की गई है। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के थानाधिकारी और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद है। 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर हैं 8 से 10 घंटे की शिफ्ट में पुलिसकर्मियों को बदला जा रहा है। ये पुलिसकर्मी आसपास के पार्क और फुटपाथ पर डेरा डाले हुए हैं। देर रात तक भी पुलिस कलेक्टरी परिसर के आसपास बैठी रहती है ताकि कोई अंदर प्रवेश नहीं कर सके। शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा आंदोलन आंदोलन के मुखिया परसराम बिश्नोई और रामगोपाल बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक अनशन जारी रहेगा।


