भारतीय वायुसेना का गौरव रहा मिग-21 विमान अब बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। प्रदर्शन के लिए रखा जाने वाला यह मिग-21, बीकानेर के शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी के पैतृक गांव बिग्गा बास रामसरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मैदान में स्थापित होगा, ताकि आने वाली पीढ़ी सेना के साहस और शौर्य से प्रेरणा ले सके। कैप्टन चंद्र चौधरी के भाई सीताराम सियाग ने बताया कि मिग-21 सोमवार को श्रीडूंगरगढ़ पहुंचेगा। सेना के चार ट्रकों के काफिले के साथ आने वाले इस विमान का रास्ते में विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया जाएगा। श्रीडूंगरगढ़ के मुख्य बाजार स्थित गोल मार्केट में स्थानीय युवा इसका भव्य स्वागत करेंगे। इसके बाद यह विमान रीड़ी गांव होते हुए बिग्गा बास रामसरा पहुंचेगा, जहां विद्यालय परिसर में इसे स्थापित किया जाएगा। दो दिन में होगा स्थापित मिग 21 आज बीकानेर से होते हुए श्रीडूंगरगढ़ और वहां से बिग्गा रामसरा जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि आज चार ट्रक में मिग 21 तो पहुंच जाएगा लेकिन इसे फिर से जोड़ने और स्थापित करने का काम मंगलवार को होगा। बीकानेर में पहले भी स्थापित हो चुके हैं फाइटर बीकानेर के म्यूजियम सर्किल चौराहे पर कैप्टन चंद्र चौधरी की प्रतिमा के पास भी एक फाइटर जेट एसटीपी 32 स्थापित किया गया है। इसके अलावा नाल में एयरफोर्स स्टेशन गेट पर दो मिग 21 विमान लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा बीकानेर के इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में भी एक फाइटर प्लेन लगाया गया है। ऐसे में बिग्गा बास रामसरा गांव में स्थापित होने वाला यह पांचवां फाइटर प्लेन है और तीसरा मिग-21 होगा। बीकानेर से ही हुई थी विदाई बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन से ही एयरफोर्स ने मिग 21 को साठ साल की सेवा के बाद विदाई दी थी। सभी रिटायर्ड मिग बीकानेर के नाल एयरपोर्ट पर ही आए थे। ऐसे में बिग्गा रामसरा पहुंच रहा मिग 21 भी नाल से ही भेजा जा रहा है। 62 वर्षों की सेवा के बाद सेना से विदाई भारतीय वायुसेना (IAF) ने 26 सितंबर 2025 को चंडीगढ़ एयरबेस पर आयोजित एक समारोह में मिग-21 विमानों को आधिकारिक रूप से सेवा से रिटायर कर दिया। 62 वर्षों तक देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने के बाद यह विमान अब सक्रिय लड़ाकू स्क्वाड्रन का हिस्सा नहीं है। देशभर में पुराने और निष्क्रिय (बिना इंजन) मिग-21 विमानों को सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित किया जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी में सेना के प्रति सम्मान और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रोत्साहन मिल सके।


