बीजापुर में 118 घर ढहाए गए, 55 और ढहाए जाएंगे:चिकटराज समिति ने कहा- देव आस्था की भूमि अतिक्रमण मुक्त, कलेक्टर का आभार जताया

बीजापुर के चट्टानपारा क्षेत्र में 118 अवैध घरों को ढहाए जाने के बाद चिकट राज कल्याण समिति ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। समिति ने इस कार्रवाई को देव आस्था की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। समिति के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर संबित मिश्रा से भेंट कर प्रशासन की कार्रवाई को आस्था, परंपरा और कानून तीनों की रक्षा करने वाला बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भूमि न केवल वन मद की शासकीय भूमि है, बल्कि चिकट राज देव, कोंडराज देव और कारी कंकालीन माता से संबंधित एक पवित्र स्थल है, जहां हर साल धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। समिति के पदाधिकारियों, जिनमें देव सियान/ग्राम प्रमुख मेघनाथ मांझी, परगना मांझी रामशंकर साहनी, मोदुल सिरहा सुखनाथ मांझी और सिरहा/ग्राम प्रमुख फागू राम साहनी शामिल हैं, उन्होंने बताया कि मांझीपारा, अमानपारा, बैदरगुड़ा, बांडागुड़ा, भट्टीपारा, नयापारा, कन्हईगुड़ा सहित 11 प्रमुख पाराओं के ग्राम प्रमुखों ने सर्वसम्मति से बैठक कर अतिक्रमण हटाने के लिए जिला, वन और नगरीय प्रशासन को आवेदन सौंपा था। प्रशासन की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में संतोष और प्रसन्नता है। डीआरजी, आत्मसमर्पित नक्सलियों के घर ढहे जिला प्रशासन के मुताबिक, शासकीय और वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। जिन मकानों को गिराया गया है, उनमें 10 डीआरजी जवान, 10 आत्मसमर्पित नक्सली परिवार, 25 नक्सल पीड़ित परिवार, स्थानीय आदिवासी मजदूर और ओडिशा के मलकानगिरी राज्य से आए 5 परिवार शामिल थे। ये लोग बीजापुर जिले के बासागुडा, उसूर, नेलाकांकेर, पुसगुड़ी, डल्ला, तिम्मापुर, हीरापुर, तोयनार, रुद्रारम और चेरकांटी के निवासी थे। 55 मकान और हटेंगे जानकारी के अनुसार, नगरपालिका कार्यालय के पीछे चट्टानपारा से लगे 55 अन्य मकानों को भी अब तक तीन नोटिस दिए जा चुके हैं। संभावना है कि राजस्व, नगरपालिका और वन विभाग जल्द ही यहाँ भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सकते हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।

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