बीजेपी ने बनाई पंचायत चुनाव की रणनीति, घोषणा का इंतजार:चुनाव समिति और प्रभारी के नाम तय, सत्ता-संगठन मिलकर कर रहे तैयारी

राजस्थान में पंचायत चुनावों को लेकर बीजेपी ने अपनी रणनीति बना ली है, उसे अब चुनावों की घोषणा का इंतजार है। गांव की सरकार बनाना सत्ता व संगठन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में इसकी तैयारी पहले से ही शुरू कर दी गई थी। सरकार के स्तर पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कुछ दिन पहले सभी संभागों के अलग-अलग नेताओं की बैठक ली थी। इसका प्रमुख एजेंडा पंचायत चुनाव ही थे। वहीं, संगठन स्तर पर जिला परिषद चुनाव समिति और पंचायत चुनाव समिति के नाम तय कर लिए गए हैं। जैसे ही राज्य चुनाव आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा, इन नामों का एलान कर दिया जाएगा। इसके साथ ही चुनाव प्रभारियों की घोषणा भी हो जाएगी। प्रमुख नेताओं को दी जिम्मेदारी दरअसल, बीजेपी ने पंचायत चुनावों की जिम्मेदारी प्रदेश के प्रमुख और अनुभवी नेताओं को दी है। इन नेताओं में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी सहित अन्य नेता शामिल हैं। परिसीमन और पुर्नगठन को लेकर पार्टी की ओर से की गई सिफारिशों को भी इन्हीं प्रमुख नेताओं ने तैयार किया था। इसमें यह विशेष रूप से ध्यान रखा गया था कि पार्टी को किस तरह से इसका फायदा चुनावों में मिले। विधानसभा स्तर पर लगाए विस्तारक पंचायत चुनावों को लेकर पार्टी ने विधानसभा स्तर पर विस्तारक भी लगाए थे। हालांकि विस्तारकों को पार्टी ने पंचायत चुनावों के साथ-साथ अन्य कार्यक्रमों की भी जिम्मेदारी दी थी। लेकिन इन विस्तारकों के जरिए पार्टी ने जनता के नब्ज टटोलने और ग्राउंड की स्थिति समझने की कोशिश की। इसके बाद पार्टी ने पंचायत चुनाव की रणनीति बनाने का काम शुरू किया था। प्रदेश में अगले महीने चुनाव संभव
राजस्थान में राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। 4.02 करोड़ से ज्यादा वोटर्स चुनाव में मतदान करेंगे। 41 जिला परिषद और 457 पंचायत समितियों, 14 हजार 403 ग्राम पंचायतों में अगले महीने चुनाव संभव है। अब भी 12 जिला परिषदों का कार्यकाल बाकी वर्तमान में 12 जिला परिषदों और 130 पंचायत समितियों में अब भी कार्यकाल बाकी है। ये कार्यकाल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर- 2026 तक पूरा होगा। 5 सितंबर तक 6 जिला परिषद, 78 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा होगा। वहीं 29 अक्टूबर तक 2 जिला परिषद, 22 पंचायत समितियां का कार्यकाल खत्म होगा। इसके बाद 22 दिसंबर तक 4 जिला परिषद और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा हो जाएगा।

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