बीजेपी में इस समय संगठन के चुनाव चल रहे हैं। बूथ अध्यक्ष के बाद मंडल अध्यक्षों का निर्वाचन हो रहा है। मंडल अध्यक्षों के निर्वाचन के साथ ही उनके निर्वाचन से संबंधित विवाद के निस्तारण के लिए प्रदेश स्तर पर एक अपील समिति बनी हुई है। अपील समिति को मिली शिकायतों के आधार पर आज समिति ने निर्वाचित हुए मंडल अध्यक्षों में से पांच मंडल अध्यक्षों का निर्वाचन निरस्त कर दिया। वही 16 मंडल अध्यक्षों के निर्वाचन पर अंतिम रोक लगा दी है। सही उम्र छिपाते हुए निर्वाचित हुए प्रदेश अपील समिति के सह संयोजक योगेंद्र तंवर ने बताया कि बीजेपी में मंडल अध्यक्षों के निर्वाचन के लिए मापदंड तय हैं। इसके तहत मंडल अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की हुई है।लेकिन जिन मंडल अध्यक्षों का निर्वाचन निरस्त किया गया हैं। उन सभी ने अपनी उम्र को छिपाते हुए, उससे संबंधित गलत दस्तावेज पेश किए। जांच के बाद समिति ने इन शिकायतों को सही पाया। उम्र छिपाने के आधार पर जिन मंडल अध्यक्षों का निर्वाचन निरस्त किया गया। उनमें अलवर दक्षिण के थानागाजी मंडल अध्यक्ष गोविंद राम कुमावत, भरतपुर जिले के उज्जैन मंडल अध्यक्ष विजेंद्र सिकरौदा, जालौर जिले के भीनमाल नगर मंडल अध्यक्ष प्रवीण दवे, उदयपुर देहात के डबोक मंडल अध्यक्ष जीवन सिंह शामिल हैं। वहीं सिरोही जिले के निर्वाचन अधिकारी की अनुशंसा पर पोसलिया मंडल के अध्यक्ष प्रताप परमार का निर्वाचन निरस्त किया गया है। 16 मंडल अध्यक्षों के निर्वाचन पर अंतरिम रोक समिति के प्रदेश संयोजक घनश्याम तिवाड़ी ने बताया कि जिन 16 मंडल अध्यक्षों के निर्वाचन पर अंतिम रोक लगाई गई हैं। उनमें जयपुर शहर से जलमहल और पौंड्रिक मंडल, जयपुर देहात से चौमूं नगर, भरतपुर से सेवर, रूदावल, सिरोही से डूंगरखेडा, अलवर दक्षिण से मालाखेड़ा, चूरू के रतनगढ़, अलवर के खोह, बीकानेर शहर के रानीबाजार, जूनागढ, पुराना शहर, जस्सुसर, नया शहर, बूंदी के इन्द्रगढ़ ग्रामीण और हनुमानगढ़ के संगरिया नगर मंडल अध्यक्ष शामिल हैं। समिति को इन मंडल अध्यक्षों के निर्वाचन में कई तरह की शिकायतें मिली थी। कुछ मंडल अध्यक्षों ने अपनी उम्र अधिक बताते हुए अपना निर्वाचन करवा लिया। मंडल अध्यक्ष बनने के लिए यह मापदंड तय है कि ऐसा व्यक्ति ही मंडल अध्यक्ष बन सकता है। जो मंडल में किसी पद पर रहा हो। इन लोगों को लेकर शिकायत है कि यह कभी मंडल में किसी पद पर नहीं रहे। इसके अलावा इनके निर्वाचन में भी अनियमितताओं की शिकायत समिति को प्राप्त हुई थी। प्रथमदृष्टया शिकायत सही प्रतीत होने पर फिलहाल इनके निर्वाचन पर अंतरिम रोक लगाई गई है। जांच पूरी होने पर अंतिम फैसला किया जाएगा।


