ग्वालियर में एक बुजुर्ग ने सांस की बीमारी से परेशान होकर खुद का गला काटकर आत्महत्या कर दी है। घटना सात दिन पहले थाटीपुर के नदीपाल टाल इलाके की है। घटना का पता उस समय चला जब मकान मालिक बुजुर्ग से मिलने के लिए आए तो वह घायल पड़े हुए थे। तुरंत ही उन्होंने उनके बेटों को जानकारी दी। बेटे घर पहुंचे और घायल बुजुर्ग को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया। घायल ने सात दिन जिंदगी के लिए संघर्ष किया और शुक्रवार रात को दम तोड़ दिया है। अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को निगरानी में लेकर पोस्ट मार्टम रूम में रखवा दिया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मकान में घायल पड़ा था बुजुर्ग
शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र के कट्यानी गली नदी पार टाल निवासी 81 वर्षीय मूलचंद पुत्र बलदेव सिंह काफी समय से सांस की बीमारी से परेशान थे। 31 जनवरी को उनके दोनों बेटे विनोद और प्रकाश अपने-अपने काम पर चले गए थे। शाम को उनके मकान मालिक ने विनोद को कॉल कर बताया कि उनके पिता घायल हालत में जमीन पर गिरे हुए हैं और उनके गले पर चोट का निशान हैं। विनोद और प्रकाश वापस घर आए और घायल हालत में पिता को उपचार के लिए जेएएच ले गए। जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर लिया। मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह काफी समय से सांस की बीमारी से परेशान चल रहे थे। आखिर उन्होंने चाकू से गले पर वार किया था।
असहनीय था दर्द
पता लगा है कि बुजुर्ग को सांस की बीमारी थी और उसे असहनीय दर्द हो रहा था। वह बार-बार अपने दर्द का जिक्र सभी से कर चुके थे। परिजन बुजुर्ग का इलाज करा रहे थे, लेकिन कोई आराम नहीं मिल रहा था। जिस पर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
जांच की जा रही है
थाना प्रभारी थाटीपुर विपेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि एक बुजुर्ग ने सुसाइड किया है। मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


