चिकित्सा विभाग की टीम ने कस्बे में बिना मान्यता चल रहे निजी जच्चा बच्चा केंद्र हॉस्पिटल पर जांच की जिसमें अनियमितताएं मिलीं। कार्यवाहक बीसीएमओ डॉ गजेंद्र तंवर ने बताया कि पिछले कई दिनों से शिकायत मिली रही थी कि सीकरी में जच्चा बच्चा केंद्र के नाम पर निजी अस्पतालों में अवैध रूप से गर्भपात किया जा रहा है। इस पर टीम आहिल हॉस्पिटल जच्चा बच्चा केंद्र, अम्मार अस्पताल एवं सिटी हॉस्पिटल पर पहुंची। इसमें आहिल हॉस्पिटल पर गर्भपात करने की दवाईया एवं इंजेक्शन मिले और कोई भी चिकित्सीय प्रैक्टिस के दस्तावेज नहीं मिले। पूछने पर संचालक कोई संतुष्टिपूर्वक जवाब नहीं दे सके। इस पर गर्भपात की दवाई और इंजेक्शन जब्त कर नोटिस दिये गये। इसके अलावा अम्मार अस्पताल के संचालक टीम को देखकर अस्पताल बंद कर भाग गये। अन्य अस्पताल में व्यवस्था ठीक मिली। उन्होंने बताया कि आहिल हॉस्पिटल और अम्मार अस्पताल के खिलाफ कारवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। उधर स्वास्थ्य विभाग की कारवाई से झोला छाप डाक्टरों में हड़कंप मच गया है। लोगों ने जच्चा बच्चा केंद्र के नाम पर मरीजों की जान जोखिम में डालने वाले अवैध अस्पतालों को सील करने की मांग की है। अप्रशिक्षित कर रहे प्रसूताओं के जीवन से खिलवाड़ सीकरी और कैथवाड़ा क्षेत्र में करीब एक दर्जन जच्चा बच्चा केंद्र है। इन्हें झोला छाप लोग संचालित कर रहे हैं वे इसे वैसे तो अस्पताल बताते है हकीकत में ये अवैध गर्भपात करने की जगह है। यहां अप्रशिक्षित लोग धड़ल्ले से गर्भपात कर रहे हैं।


