घर में अकेली सो रही बुजुर्ग महिला से सोने की बालियां लूटकर हत्या करने वाली गैंग का मांडल थाना पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि ये गैंग रेकी कर घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को निशाना बनाती है। आरोपियों ने 6 जिलों में 10 और वारदात करना कबूल किया है। यह था मामला 23 अप्रैल को मांडल थाने में देवालाल ने रिपोर्ट दी कि देर रात उसकी माता रामू देवी अपने मकान सोई हुई थी, इसी दौरान दो अज्ञात व्यक्तियों ने मकान में घुसकर उनके नाक में पहनी सोने की चेन और नथ तोड़ ली, जिनका वजन करीब एक तोला था। इस दौरान बदमाशों ने रामू देवी के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर घायल हो गई। परिजनों ने हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। दौरान महिला की अस्पताल में डेथ हो गई। इसे लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। स्पेशल टीम बनाई वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मांडल डिप्टी मेघा गोयल के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया। टीम में मांडल, बागोर, पुर, साइबर सेल और डीएसटी को शामिल किया गया । 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले मांडल डिप्टी मेघा गोयल ने बताया कि टीम ने घटनास्थल की विजिट कर पूरी घटना का बारीकी से एनालिसिस किया। टीम के हर एक व्यक्ति को अलग-अलग टास्क दिया गया। टीम ने रास्तों, टोल प्लाजा, होटल और ढाबों पर लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और डेटा कलेक्ट किया। 150 से ज्यादा मोबाइल CDR इन्वेस्टिगेशन पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में इस तरह की वारदातों की घटना स्थल का विजिट कर बीटीएस डेटा कलेक्ट कर टावर लोकेशन में लगभग 1000 से ज्यादा मोबाइल नंबरों का डिटेल इन्वेस्टिगेशन किया और डाउटफुल लोगों को मार्क कर इनकी निगरानी की गई। 20 से ज्यादा चालानशुदा आरोपियों से पूछताछ पुलिस ने डेढ़ सौ से ज्यादा मोबाइल नंबरों के बीटीएस डेटा का एनालिसिस कर डाउटफुल नंबरों की पहचान की। पुलिस ने पहले इस प्रकार की घटनाओं में चालानशुदा अपराधियों की एक लिस्ट बनाई और 20 से ज्यादा अपराधियों से डिटेल में पूछताछ की गई। पुलिस ने भीलवाड़ा, गुलाबपुरा, मांडलगढ़, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जेल में पिछले 1 साल में जमानत पर छूटे मुलजिमों का पता लगाकर सभी की एक्टिविटी पर नजर रखी और डिटेल इन्वेस्टिगेशन किया। कई डेरों पर दबिश पुलिस ने भीलवाड़ा जिले में कई खानाबदोश जातियों के डेरों को लिस्टेड किया और इन पर दबिश देकर डाउटफुल लोगों को डिटेन कर इनसे पूछताछ की गई। इस तरह की वारदातों के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की गई। इस घटनाक्रम को ट्रेस करने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर दर्जनभर से ज्यादा वारदातों का खुलासा किया गया। आरोपियों को पकड़ने के लिए थाना प्रभारी मांडल राजपाल की विशेष भूमिका रही। इन्हें पीछा कर पकड़ने में साइबर सेल के कॉन्स्टेबल के हाथ में पैर में चोट आईं । इनको किया गिरफ्तार पुलिस ने इन सभी मामलों में शंकर कालबेलिया (40) पुत्र ओंकारनाथ जाति कालबेलिया निवासी अरनिया जिला चित्तौड़गढ़ और सुरेश मोगिया (39) पुत्र जयचंद मोगिया निवासी निकुंभ को गिरफ्तार किया। ये था वारदात का तरीका ये दोनों आरोपी रात के समय घरों में सोते हुए बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं को अपना निशाना बनाते, उनके साथ मारपीट करते और सोने-चांदी के गहने लूटकर फरार हो जाते। आरोपियों ने भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर, पाली, प्रतापगढ़ जिले में 10 वारदात करना कबूल किया है। शंकर कालबेलिया के खिलाफ उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद में कुल 23 मामले दर्ज हैं, जबकि सुरेश के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं। इन मामलों का हुआ खुलासा भिमडीयास गांव थाना मांडल में बुजुर्ग महिला की नथ लूटकर हत्या करना कबूला। गांव उदालिया थाना गंगापुर में बुजुर्ग व्यक्ति की मुरकियां लूटी। दाता कलां थाना मांडल में बुजुर्ग व्यक्ति की मुरकियां लूटी। जादू खेड़ा गांव थाना गंगापुर में दो महिलाओं के कान के टॉप्स रामनवमी और मांदलिया लूटी। पाली के फालना कस्बे में महिला के सोने के गोखरू लूटे। धरियावद प्रतापगढ़ के पास भेरुजी के मंदिर से चांदी के 9 छत्र चोरी किए। नाथद्वारा के पास से एक बाइक चोरी करना कबूल किया है।


