बुरहानपुर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान दो अनोखे मामले सामने आए। एक आवेदक ने अधिकारियों को ‘जगाने’ के लिए कलेक्ट्रेट गेट पर पूजा-अर्चना की, जबकि दूसरे मामले में शिकायत करते समय एक आवेदक जमीन पर बैठ गया, जिसके बाद जिला पंचायत सीईओ भी जमीन पर बैठने लगे। पहला मामला ग्राम पंचायत नागझिरी से संबंधित है। यहां के निवासी लखन पटेल ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। पंचायत ने उन्हें 12 रुपए प्रति पृष्ठ के हिसाब से 515 पृष्ठों की जानकारी दी, जिसके लिए 6180 रुपये जमा कराए गए। पटेल का कहना है कि नियम के अनुसार शुल्क 2 रुपये प्रति पृष्ठ होना चाहिए। लखन पटेल ने छह महीने पहले भी इस संबंध में जनसुनवाई में शिकायत की थी, तब वे आंखों पर पट्टी बांधकर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मुक्तिधाम और सरकारी बाउंड्रीवॉल से संबंधित जानकारी मांगी थी। न्याय की उम्मीद में उन्होंने सरकारी दफ्तर को देवता मानकर पूजा की, ताकि अधिकारी जागें। दूसरा मामला ग्राम पंचायत मोहम्मदपुरा के रोहन पाटिल का था। उन्होंने एप्पल अस्पताल के सामने एक कॉलोनाइजर द्वारा अवैध अतिक्रमण की शिकायत की। पाटिल ने बताया कि कॉलोनाइजर ने ‘अवध वाटिका’ नाम से कॉलोनी काटी है और 100 फीट का नाला बंद कर दिया है। वे दो महीने से शिकायत कर रहे हैं। अपनी शिकायत के दौरान रोहन पाटिल जमीन पर बैठ गए। यह देखकर जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा भी जमीन पर बैठने लगे, जिसके बाद पाटिल उठकर खड़े हो गए। जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा ने दोनों मामलों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि आरटीआई नियमों के तहत गलत तरीके से राशि ली गई थी, जिसे वापस करा दिया गया था। हालांकि, आवेदक ने राशि लेने से मना कर दिया और कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि एप्पल अस्पताल के सामने कॉलोनी के मामले की भी जांच कराई जा रही है।


