बुरहानपुर जिले के ग्राम डाभियाखेड़ा में शरद पूर्णिमा पर मंगलवार से शिव कामधेनु मानस कथा का आयोजन शुरू हुआ। यह धार्मिक आयोजन सात दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन सुबह से कथा का वाचन किया जाएगा। पंडित अखिलेश महाराज ने किया कथा वाचन कथा का वाचन पंडित अखिलेश महाराज द्वारा किया जा रहा है। पहले दिन की कथा में उन्होंने कामधेनु गाय और भगवान शिव से जुड़े पौराणिक प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कामधेनु एक इच्छा पूर्ण करने वाली दिव्य गाय है, जिसका जन्म समुद्र मंथन से हुआ था और जिसे बाद में सप्त ऋषियों को सौंपा गया था। कामधेनु को 11 रूद्रों की माता माना जाता है और यह हिंदू धर्म में समृद्धि और देवी शक्ति का प्रतीक है। इस दौरान पंडित जी ने धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को समझाते हुए कथा के महत्व को बताया। ग्रामीणों में दिखा उत्साह कथा स्थल पर ग्राम डाभियाखेड़ा और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और पुरुष श्रद्धा के साथ उपस्थित हुए। पूरे गांव में धार्मिक माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों में आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कथा से गांव में सांस्कृतिक जागरूकता के साथ-साथ आध्यात्मिक ऊर्जा का भी संचार हो रहा है।


