जल संसाधन और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को बुरहानपुर का दौरा किया। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर जल व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नावथा और झिरमिटी सिंचाई परियोजनाओं को क्षेत्र के विकास के लिए ‘नींव का पत्थर’ बताया। मंत्री सिलावट ने जानकारी दी कि इन दोनों परियोजनाओं से 34 हजार हेक्टेयर आदिवासी बहुल क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इससे समाज का वह तबका जो सबसे पीछे है, वह भी एक नहीं, बल्कि दो-तीन फसलें ले सकेगा। सरकार का लक्ष्य इन योजनाओं को जल्द से जल्द प्रारंभ करना है। बैठक में नगर के सभी 48 वार्डों की जल वितरण व्यवस्था और जिले की पंचायतों में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार सिंचाई का रकबा बढ़ाने के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। असीरगढ़ में नेपानगर विधायक मंजू दादू ने मंत्री का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता और पूर्व विधायक स्वर्गीय राजेंद्र दादू ने साल 2010 में जिन सिंचाई परियोजनाओं का सपना देखा था, वह अब साकार होने जा रहा है। विधायक ने इसे अपने आदिवासी बहुल विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री की ओर से एक बड़ी सौगात बताया। उल्लेखनीय है कि नेपानगर विधानसभा के धूलकोट और खकनार सहित अन्य हिस्सों में दो सिंचाई परियोजनाएं और तीन बैराज स्वीकृत हुए हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में कृषि सिंचाई की सुविधा में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।


