बुरहानपुर पुलिस लगातार शहर में “सेफ क्लिक” अभियान चला रही है। शुक्रवार को नगर के नावरा हाट बाजार में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में एक युवक ने खुद के साइबर ठगी का शिकार होने की कहानी साझा कर लाेगों को जागरूक किया। पुलिस अधिकारी बनकर मांगे रुपए युवक ने बताया कि उसे एक व्यक्ति ने पुलिस अधिकारी बनकर फोन किया और कहा कि उसका रिश्तेदार मुसीबत में है और पैसों की जरूरत है। लेकिन, उसने पैसे नहीं डाले। वहीं एक बार बाद उसे एक मैसेज आया जिसमें 2000 रुपए क्रेडिट होने की जानकारी दी गई और कहा बैलेंस चेक करें। जब युवक ने आधे घंटे बाद अपना बैलेंस चेक किया तो उसके खाते से 2000 रुपए गायब हो चुके थे। TI बोलीं- डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती इस पर नेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल ने बताया कि पुलिस कभी भी इस तरह फोन नहीं करती। उन्होंने लोगों को सचेत किया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या सीधे थाने पहुंचें। समय पर शिकायत करने से खाता फ्रीज कर 3-4 दिनों में पैसे वापस पाए जा सकते हैं। थाना प्रभारी ने एक ताजा मामले का जिक्र करते हुए बताया कि बुरहानपुर में हाल ही में एक मेडिकल व्यापारी से 90 लाख रुपए की ठगी हुई थी। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी को भी ओटीपी न दें और याद रखें कि पुलिस हमेशा आमने-सामने बात करती है। कार्यक्रम में नावरा चौकी प्रभारी मनीष पटेल ने ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई।


