बुरहानपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को आदर्श बस्ती में एक हिन्दू सम्मेलन हुआ। इसमें जिला प्रचारक अभय विश्वकर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला प्रचारक अभय विश्वकर्मा ने कहा कि जिस राष्ट्र और समाज ने शक्ति की उपासना को संजोया है, वह हमेशा शक्तिशाली और संपन्न रहा है। उन्होंने जोर दिया कि शक्ति ही सर्वश्रेष्ठ है और इसके बिना कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता। ‘धर्म की रक्षा स्वयं करनी पड़ेगी’
विश्वकर्मा ने भारत के गौरवशाली अतीत का उल्लेख करते हुए चंद्रगुप्त मौर्य और राजा विक्रमादित्य जैसे शासकों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भारत शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी था, जहां सवा लाख गुरुकुल और अनेक विश्वविद्यालय थे। हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लगभग हजार वर्ष पहले भारत के लोगों ने शक्ति की पूजा बंद कर दी और केवल देवी-देवताओं की आराधना पर ध्यान केंद्रित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें परतंत्रता का दंड भुगतना पड़ा। उन्होंने बताया कि हमारे देवी-देवताओं और महापुरुषों के हाथों में ज्ञान के लिए शास्त्र और उसकी रक्षा के लिए शस्त्र दोनों होते हैं। विश्वकर्मा ने हिन्दू समाज से अपने मान बिंदुओं को याद रखने, संगठित होने और एक मंच पर आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी भूमिका समझनी होगी और धर्म की रक्षा स्वयं करनी पड़ेगी। सम्मेलन का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। देखिए तस्वीरें…


