बूंदी में चंबल तट पर अस्थि विसर्जन:हरिद्वार के बजाय स्थानीय नदी को पवित्र माना, तीरथ गांव में अनूठी पहल

बूंदी जिले के तीरथ गांव में एक अनूठी पहल की गई। एमबीबीएस अस्पताल में कार्यरत सीनियर नर्सिंग ऑफिसर जितेंद्र कुमार मीणा और धनराज मीणा ने अपने पिता बिरधीलाल मीणा की अस्थियां विसर्जित कीं।
वहीं आईआईटी गुवाहाटी से दीपक मीणा और पीडब्ल्यूडी जेईएन दिनेश कुमार मीणा ने अपने दादा धुलीलाल मीणा की अस्थियां चंबल नदी के केशवराय पाटन तट पर विधि-विधान से विसर्जित कीं। परंपरागत रूप से लोग अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार जाते हैं, लेकिन मीणा परिवार ने चंबल नदी के तट को ही पवित्र मानते हुए यह विसर्जन यहीं किया। इस पहल को समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर परिवार के गोरधन मीणा, मोहनलाल मीणा, रामदेव, पृथ्वीराज, अधिवक्ता राजकुमार, डॉ. राजेंद्र मीणा और अध्यापक गोविंद मीणा सहित परिवार की सभी महिलाएं उपस्थित थीं। जितेंद्र कुमार मीणा ने इस पहल पर कहा कि समाज में सामाजिक सुधार और समय के अनुसार सकारात्मक परिवर्तन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि केशवराय पाटन स्थित चंबल तट को अत्यंत पवित्र माना जाता है और यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगी।

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