संस्कृति विभाग ने कलाकारों से डांस करवाया, नाटक करवाए मगर किसी को पैसे नहीं दिए। इस मामले में बृजमोहन अग्रवाल ने फिर एक चिट्ठी प्रदेश सरकार को लिखी है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सांसद ने कलाकारों काे उनकी पेमेंट जारी किए जाने की मांग की है। हाल ही में इस तरह की और भी चिटि्ठयां बृजमोहन लिख चुके हैं। सांसद ने ये भी कहा कि कुछ अफसरांे की वजह से काम नहीं हो पाते, कुछ जानकारी अधिकारी मंत्रियों को नहीं देतेे। इस वजह से जो जेन्यून मामले हैं, उससे सरकार को अवगत करवा रहा हूं, ताकि लोगांे की परेशानी दूर की जा सके। ये है पूरा मामला
संस्कृति विभाग ने कलाकारों का पैसा नहीं दिया। सांसद की ओर से बताया गया है कि साल 2023-24 के लिए पूर्व वित्तीय वर्ष के भुगतान के लिए संस्कृति विभाग द्वारा पिछले वर्ष जून माह में वित्त विभाग से प्रशासकीय अनुमोदन मांगा गया था जिस पर कोई कार्यवाही न होने के कारण वह भुगतान अभी तक नहीं हो पाया। साल 2024 – 25 में भी बजट समाप्त हो जाने के कारण बहुत से कलाकारों का भुगतान फिर लंबित हो गया । इसी भुगतान को जारी करने का अनुरोध सांसद ने अपनी चिट्ठी से मुख्यमंत्री से किया है। क्यों चिट्ठियां लिख रहे सांसद
कांग्रेस लगातार बृजमोहन की चिटि्ठयों पर कह रही है, सरकार में सबकुछ ठीक नहीं। जब बृजमोहन अग्रवाल से कांग्रेस की ओर से लग रहे आरोपों पर सवाल किया गया तो सांसद ने कहा- हम सुशासन लाने के लिए ही यह काम कर रहे हैं, कि बीजेपी की सरकार का सुशासन तिहार चल रहा है। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की जनता को सुविधा मिले, इसलिए मैं पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से आग्रह कर रहा हूं। एक पत्र का असर भी हुआ
बर्खास्त शिक्षकों के मामले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पत्र लिखा था। सांसद की ओर से दावा किया गया है कि मेरी चिट्ठी का असर भी हुआ है। 7 अप्रैल 2025 को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि, राज्य सरकार संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए इन शिक्षकों को समकक्ष पदों पर एक बार की विशेष छूट (ONE TIME EXEMPTION) के माध्यम से समायोजित करें।
बृजमोहन अग्रवाल ने लगातार भेजी ये चिट्ठियां-


