कांग्रेस से बर्खास्त पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह की वापसी को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि इसका निर्णय कांग्रेस की कमेटी करेगी। बृहस्पति सिंह द्वारा माफी मांगने को लेकर सिंहदेव ने कहा कि बृहस्पति सिंह से बात नहीं हुई है। उन्होंने जो कहा था, बेहद आपत्तिजनक और अस्वीकार्य था। वे मन से मान लें, कि गलती हुई है तो सॉरी कहने की जरूरत नहीं है। रामानुजगंज के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने भी कांग्रेस में वापसी के लिए कोशिश शुरू कर दी है। रायपुर में शुक्रवार को बृहस्पति सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार जाने के बाद विचलित हो गया था। जाने-अनजाने में मेरे से गलती हुई है, इसलिए तत्कालीन प्रभारी के खिलाफ बयान दे दिया था। बृहस्पति सिंह ने टीएस सिंहदेव को लेकर कहा कि सिंहदेव सरगुजा के महाराजा है और हम प्रजा हैं। टीएस सिंहदेव को हमें डांटने फटकारने का अधिकार है। मैं सभी अपने बड़े नेताओं से क्षमा मांगता हूं। साथ ही पार्टी में वापसी के लिए आवेदन दे रहा हूं। सिंहदेव बोले- माफी मांगने की जरूरत नहीं
बृहस्पति सिंह द्वारा माफी मांगने को लेकर कहा कि जो उन्होंने कहा वह बिल्कुल अनुचित था। न तो स्वीकार्य है और न ही कभी हो सकता है। इस प्रकार की बेबुनियाद बात करना आपत्तिजनक है। सिंहदेव ने कहा कि माफी मांगने या करने में मैंने कभी जीवन में विश्वास नहीं किया। आप सॉरी बोल दो, फिर गलती करो, तो कोई औचित्य नहीं है। सिंहदेव ने कहा कि आपके मन में यदि लगता है कि मन में यदि भाव है कि गलती हुई, तो फिर सॉरी कहने की जरूरत नहीं है। सिंहदेव ने कहा कि बृहस्पति ने बात नहीं की है। कांग्रेस की कमेटी तय करेगी वापसी
सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कांग्रेस में आने के लिए आवेदनों पर निर्णय लेने के लिए कांग्रेस के सात बड़े नेताओं की कमेटी बनाई है। यह समिति ही बागियों की वापसी एवं जेसीसी के विलय पर अभिमत देगी। इसके आधार पर ही निर्णय होगा। विस चुनाव के बाद बर्खास्त हुए थे बृहस्पति
बृहस्पति सिंह की कांग्रेस ने टिकट काट दी थी। बृहस्पति ने विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तत्कालीन कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव को जिम्मेदार ठहराया था। दोनों पर पार्टी के खिलाफ षडयंत्र रचने का आरोप लगाया था। इसके पूर्व बृहस्पति सिंह ने उनके काफिले पर हुए कथित हमले के बाद टीएस सिंहदेव और उनके भतीजे पर षड़यंत्र का आरोप लगाया था। वरिष्ठ नेताओं पर बयानबाजी के बाद बृहस्पति सिंह को बर्खास्त कर दिया गया था। वर्ष 2013 एवं 2018 के विधानसभा चुनाव में बृहस्पति सिंह को टीएस सिंहदेव ने समर्थन एवं सहयोग दिया था। परिणाम आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने भूपेश बघेल को सीएम बनाया। वहीं, भूपेश बघेल के सीएम बनने के बाद बृहस्पति सिंह ने पाला बदला और भूपेश के खेमे में आ गए थे।


