बेंगलुरु की सड़कों पर दिखी बाइक टैक्सी:कर्नाटक HC बोला- अदालत ने सर्विस शुरू करने की परमिशन नहीं दी, सरकार सवारियों-मालिकों को परेशान न करे

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शनिवार को कहा कि उसने बेंगलुरु में बाइक टैक्सी सेवाओं को दोबारा शुरू करने का कोई आदेश नहीं दिया है। कोर्ट की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब 22 अगस्त को शहर की सड़कों पर उबर, ओला और रैपिडो जैसी कंपनियों की बाइक टैक्सियां दोबारा नजर आईं। चीफ जस्टिस विभु बखरु और जस्टिस की खंडपीठ ने कहा- राज्य सरकार चाहे तो एग्रीगेटर कंपनियों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकती है, लेकिन व्यक्तिगत बाइक मालिकों और राइडर्स को किसी तरह की परेशानियां न दी जाएं। 23 अगस्त को एडवोकेट जनरल शशिकिरण शेट्टी ने हाईकोर्ट को बताया कि कई ऑपरेटरों ने बिना किसी कोर्ट की अनुमति के सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं। इस पर राइडर्स की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि पुलिस और परिवहन विभाग उनकी गाड़ियां जब्त कर रहे हैं। कोर्ट रूम लाइव चीफ जस्टिस: व्यक्तिगत मालिकों को परेशान मत कीजिए। एडवोकेट जनरल: बाइक चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, भरोसा रखिए। अब पूरा मामला समझिए… बेंगलुरु में उबर, ओला और रैपिडो जैसी कंपनियां लंबे समय से बाइक टैक्सी सेवा चला रही थीं, लेकिन राज्य सरकार ने लाइसेंस और नीति न होने का हवाला देकर इन सेवाओं को अवैध माना। इसके बाद साल 2023 में मामला अदालत तक पहुंचा। कंपनियां कोर्ट में उबर इंडिया सिस्टम्स, ओला (ANI टेक्नोलॉजीज) और रैपिडो (रॉपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज) जैसी कंपनियों ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की है। ……………………… बाइक टैक्सी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सस्ती बाइक टैक्सी को केंद्र की परमिशन: प्लेटफॉर्म्स को राज्य सरकारों की मंजूरी का इंतजार, नए नियम जारी अगर आपके पास खुद की बाइक या स्कूटर है, तो आप भी कैब सर्विस प्लेटफॉर्म्स पर रजिस्टर करके कमाई शुरू कर सकते हैं। और अगर आप सवारी करते हैं, तो सस्ती और फास्ट बाइक टैक्सी सर्विस का ऑप्शन आपके लिए तैयार है।केंद्र सरकार ने प्राइवेट (नॉन-ट्रांसपोर्ट, वाइट नंबर प्लेट) मोटरसाइकिल्स को राइड-शेयरिंग और बाइक टैक्सी सर्विसेज के लिए इस्तेमाल करने की परमिशन दे दी है। पूरी खबर पढ़ें…

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