बेगूं थाना क्षेत्र में एक महीने पहले काटूंदा मोड़ के पास हुए एक्सीडेंट के मामले में एक परिवार ने फिर से फाइल को री-ओपन करने और जांच अधिकारी बदलने की मांग की है। इस एक्सीडेंट में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। मृतक के परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा की जांच अधिकारी ने पूरी तरह से निष्पक्ष जांच नहीं की। उन्हें पीड़ित पक्ष की तरफ से एक्सीडेंट करने वाले गाड़ी का पता करके देने के बावजूद भी इस मामले में FR लगा दी। ऐसे में आज मंगलवार को मृतक के बुजुर्ग पिता, पत्नी ने SP से न्याय की गुहार लगाई। 6 दिसंबर को हुआ था एक्सीडेंट दरअसल, 6 दिसंबर को NH 27 पर भगवान लाल कोटा से निंबाहेड़ा ट्रक लेकर जा रहा था। अपनी ट्रक भगवान लाल साइड में खड़ी कर ढाबे पर खाना खाने गया। वापस आकर जब भगवान लाल पीछे के टायर से कंकड़ निकल रहे थे, उस दौरान पीछे से एक अन्य ट्रक ने टक्कर मार दी। ढाबे वालों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। उसके बाद पहले चित्तौड़गढ़ और बाद में उदयपुर हॉस्पिटल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान भगवान लाल की मौत हो गई। टक्कर मारने वाली गाड़ी का पता करने पर भी नहीं की जांच एक्सीडेंट के 2 दिन बाद बेगूं थाने में मामला दर्ज करवाया गया था। इसके बाद परिजनों खुद ने अज्ञात वाहन का पता किया पुलिस को भी इसकी जानकारी दी। एक्सीडेंट वाली जगह से लगभग 8 से 10 किलोमीटर आरोली टोल नाका है। वहां से भी पुलिस में सीसीटीवी फुटेज निकालने की कोशिश नहीं की। मृतक की पत्नी सीमा धाकड़ ने बताया कि अनुसंधान करने वाली पुलिस में विस्तृत रूप से कोई भी जांच नहीं की। बार-बार थाना क्षेत्र के राउंड लगाने के बावजूद भी अनुसंधान अधिकारी उदासीनता दिखाते रहे। एक ही महीने में FR लगा दी। मृतक की पत्नी ने कहा कि बार बार बूंदी से यहां आना पड़ता है। आज मंगलवार को परिजन एसपी ऑफिस पहुंचे और फाइल को फिर से री-ओपन करवाने और चार्ज अधिकारी बदलने की मांग की। सभी ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।


