बीते 18 अगस्त को बरमसिया ओपी क्षेत्र स्थित पारबहाल गांव में बापी लाल पांडेय की 38 वर्षीया प|ी तृप्ति पांडेय को उनकी नाबालिग मंझली बेटी ने ही अपनी ओढ़नी के सहारे गला घोंटकर हत्या कर दी थी। बाद में बेहोश होने पर हत्या की साजिश रचकर उनके पिता को अज्ञात नकाबपोश युवक द्वारा हत्या करने की झूठी कहानी सुनाई। पिता बापी लाल पांडेय गांव के ही नजदीक बोड़दा गांव में मनसा पूजा करने गए हुए थे। जब उन्हें घटना की जानकारी मिली तो वह आनन-फानन में पुरुलिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां तृप्ति पांडेय को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में बापी लाल पांडेय ने गांव के ही छह लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए बरमसिया में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद बरमसिया ओपी प्रभारी कौशलेंद्र कुमार के नेतृत्व में हर बिंदु पर जांच शुरू की गई। संदेह की सुई मृतका के नाबालिग मंझली बेटी के ओर घूम रही थी। पुलिस ने उन्हें अपनी कस्टडी में कड़ाई से पूछताछ करने पर वह टूट गई और जुर्म स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने न्यायिक अभिरक्षा में उसे भेज दिया है। पुलिस को आरोपी बेटी ने बताया कि गांव के ही एक युवक से उसका प्रेम प्रसंग था। उसके साथ वह शादी करना चाहती थी। लेकिन मां को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। प्रेम के रास्ते पर कांटा बनने के कारण उसने मां को हमेशा के लिए हटाना चाहती थी। इसके लिए उसने मौका पाकर अपनी दुपट्टा से गला घोंटकर कुआं के सामने फेंक दिया और अपनी चाची को मां के बेहोश होने की बात बताई। बताया कि 16 अगस्त की रात को लड़की के परिजनों द्वारा उक्त लड़का के साथ मारपीट भी किया गया था। इसलिए उसने यह कदम उठाया। पुलिस आरोपी बेटी के निशानदेही पर हत्या में उपयोग किया गया ओढ़नी व मोबाइल जब्त किया है। बरमसिया पुलिस अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है।


