बेटे से रेप करवाया, 2 बार बेचने की कोशिश:कोर्ट ने जिस मां को उम्रकैद की सजा दी, वो बेटी को 5 हजार में बेचने को तैयार थी

15 साल की किशोरी का अपने नाबालिग बेटे से रेप करवाने वाली जिस महिला को कोर्ट ने ‘कैक्टस’ कहते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, वह उसे महज 5 हजार में बेचना चाहती थी। खुद महिला ने अपने नाबालिग बेटे से कहा था कि- यह धंधे के लिए राजी नहीं हो रही, इसे बेचकर आ जाओ। किशोरी से देह-व्यापार कराने के लिए, नाबालिग ने उसे मुंबई घुमाने के सपने दिखाए थे। जयपुर से बहला-फुसलाकर उत्तरप्रदेश की कई लोकेशन उसे रखा, दो बार रेप किया। इसके बाद रेड अलर्ट एरिया में बेचने की कोशिश की। बिकने से मना करने पर लाल चीमटे से दागा गया। 10 साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने तीन दिन पूर्व ही फैसला सुनाया है। भास्कर ने किशोरी के दर्द को समझने के लिए उसके बयान, चार्जशीट और इस मामले से जुड़े अन्य दस्तावेज देखे। पढ़िए- इस रिपोर्ट में…. मंदिर दर्शन के बहाने घर से बाहर बुलाया, मुंबई घुमाने का सपना पुलिस ने किशोरी को जयपुर रेलवे स्टेशन से रिकवर (28 अगस्त 2014) किया, तब उसने पुलिस को वो सब बताया, जो डेढ़ महीने में उसके साथ बीता। पढ़िए किशोरी की जुबानी… ‘मैं जयपुर में अपने माता-पिता और भाई-बहन के साथ किराए के मकान में रहती हूं। मेरी जान-पहचान नजदीक ही किराए पर रहने वाले 17 साल के संजय (बदला नाम) से हो गई। संजय मुझे बार-बार मुंबई घुमाने का सपना दिखाता था। मुझे नहीं पता था कि वो मुझे फुसला रहा है और मैं उनकी बातों में आ गई। 9 जुलाई, 2014 को मुझे कहा कि खोले के हनुमानजी चलते हैं। मैं साथ चली गई, फिर मुझे यहां से चांदी की टकसाल तक ले जाया गया। इसके बाद रेलवे स्टेशन और फिर सिंधी कैंप बस स्टैंड। वहां से आगरा जाने वाली बस में बैठे, जिसने अगली सुबह शिकोहाबाद (उत्तर प्रदेश) उतार दिया।’ मां करिश्मा जानती थी बेटा संजय किशोरी को लाएगा संजय जब पीड़ित किशोरी को शिकोहाबाद में अपने घर ले गया, तब उसकी पहली मुलाकात इस पूरे खेल की मास्टरमाइंड उसकी मां करिश्मा उर्फ कस्सो से हुई। संजय की मां करिश्मा को पहले पता था कि उसका बेटा एक किशोरी को अपने साथ ला रहा है। करिश्मा ने अपने बेटे के साथ मिलकर किशोरी को बेचने तक की साजिश रची हुई थी। मेरे साथ पहला रेप यहीं हुआ, मौका मिलते ही जयपुर फोन… पीड़िता के दर्ज बयान के मुताबिक ‘शिकोहाबाद में अगले दिन सुबह 7:30 बजे पहुंचे संजय मुझे अपनी मां करिश्मा के घर ले गया। यहां हम दो-तीन दिन रुके। यहां मेरे साथ पहली बार रेप हुआ। मैंने जैसे-तैसे छुपकर संजय की मां करिश्मा के मोबाइल से जयपुर में मेरे भाई को फोन किया। उसे सब कुछ बता दिया। लेकिन इस बात की जानकारी करिश्मा को लग गई। तब करिश्मा व संजय मुझे बस से फिरोजाबाद ले गए।’ उधर, गलता गेट थाना पुलिस में 10 जुलाई को पीड़िता के भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवा रखी थी। किशोरी के भाई ने जयपुर पुलिस को सूचना दी कि उसकी बहन संकट में है। इस पर पुलिस हरकत में आई। संबंधित नंबर की कॉल डिटेल और लोकेशन निकाली, जो शिकोहाबाद की आई। पुलिस टीम शिकोहाबाद के लिए रवाना हुई। यहां बेचने का पहली कोशिश लेकिन जिद पर अड़ी किशोरी इधर, पुलिस किशोरी को शिकोहाबाद में तलाश कर रही थी, उधर संजय की मां करिश्मा फिरोजाबाद में एक रेड लाइट एरिया में किशोरी को दलदल में धकेलने के लिए ले गई। पीड़िता ने बयान में बताया… ‘मुझे फिरोजाबाद में राधा गली लाया गया। कहते हैं कि राधा गली में लड़कियों का गलत धंधा होता है। करिश्मा ने मुझे बबलू नाम के एक व्यक्ति से मिलाया। करिश्मा ने बबलू को कहा कि यह लड़की यहां धंधा करने आई है। बबलू ने मुझसे पूछा क्या तुम यह धंधा करोगी, तो मैंने उसे मना कर दिया। इस पर बबलू ने करिश्मा को कहा कि लड़की धंधा करने से मना कर रही है, तुम इसे यहां से ले जाओ।’ यहां किशोरी कि जिद के आगे करिश्मा और दलाल की एक नहीं चली। दलाल को लगा कि मामला बिगड़ा तो लेने के देने पड़ जाएंगे। इसलिए दलाल इस मामले से दूर हो गया। 5 हजार में बेचने की तैयारी, लेकिन महंगे सौदे का लालच ‘इसके बाद इसी शहर में करिश्मा मुझे वहां ले गई, जहां संजय रुका हुआ था। करिश्मा ने संजय से कहा कि यह अभी उम्र में छोटी है यह अभी धंधा नहीं करेगी। दलाल बबलू ने मना कर दिया है, तुम (संजय) इसे या तो 5000 रुपए में बेच दो या इसे यहां से ले जाओ। इस पर संजय ने कहा कि मैं इसे 5000 हजार रुपए में नहीं बेचूंगा, ये रकम बहुत कम है।’ दूसरी बार रेप, चिमटे से भी दागा ‘संजय मुझे अपने साथ एक दोस्त के घर ले गया। उसके बाद एक आंटी के यहां। आंटी के घर मुझे दो-तीन दिन रखा। वहां संजय ने मेरे साथ वापस गलत काम किया। जब मैंने गलत काम करने से मना किया और दलालों के पास नहीं जाने की जिद की तो मुझे गर्दन के पीछे और कलाई पर गर्म चिमटे से भी दागा।’ करिश्मा गिरफ्तार हुई जयपुर की गलता गेट थाना पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड के आधार पर करिश्मा के ठिकाने का पता लगा लिया था। गुमशुदगी के महज 6 दिन के भीतर 16 जुलाई 2014 को पुलिस ने करिश्मा उर्फ कस्सो को शिकोहाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इस बीच नाबालिग संजय उस किशोरी को लेकर अलग-अलग जगह भागता रहा। फिरोजाबाद से मुरादाबाद और बोली लगाने का दबाव पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि… ‘फिरोजाबाद से मुझे मुरादाबाद ले जाया गया और एक महीने रखा गया। संजय यहां एक बार फिर मेरी बोली लगाने लगा। उसने अपनी भाभी से कहा कि या तो इसे बेच दो या इससे धंधा करवाओ। लेकिन किशोरी की कम उम्र देखते हुए भाभी ने ऐसा करने से मना कर दिया।’ संजय की भाभी अपनी बहन के साथ मुझे 28 अगस्त को जयपुर रेलवे स्टेशन लाई और छोड़कर वापस चली गई। तब मेरा भाई गलता गेट थाना पुलिस को साथ लेकर मेरे पास आ गया फिर वहां साथ थाने ले गया।’ पुलिस जांच में होटल- डांस बार में गलत काम की जानकारी किशोरी ने जब करिश्मा के यहां से पुलिस को फोन किया था, तो पुलिस ने कॉल डिटेल निकाली थी। पता किया इस फोन से कहां और किन लोगों से बातें होती हैं। पुलिस को पड़ताल में पता चला कि संजय और उसकी मां करिश्मा होटलों और डांस बार में होने वाले गलत कामों में लिप्त हैं। बदनाम गली के बाहर से पकड़ा गया रेपिस्ट, जेब में तमंचा और जिंदा कारतूस करिश्मा की गिरफ्तारी और किशोरी की रिकवरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए मुखबिरों का जाल बिछाया। 1 दिसंबर, 2015 को मुखबिर ने सूचना दी कि नाबालिग आरोपी संजय फिरोजाबाद में राधा गली के बाहर खड़ा है, जिसके पास एक तमंचा भी है। पुलिस छिपते-छिपाते राधा गली तक पहुंची। मुखबिर ने जिस युवक (संजय) की ओर इशारा किया उसे भनक लग गई। वह भागने लगा, पुलिस ने पीछा करके पकड़ा। उसकी पहचान संजय के रूप में हुई। संजय को पकड़ने के बाद तलाशी ली, तो उसके पास 315 बोर का तमंचा मिला और उसकी जेब से जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ। रेप के समय नाबालिग था संजय, मां को अंतिम सांस तक जेल जयपुर महानगर प्रथम की पॉक्सो कोर्ट के जज तिरुपति कुमार गुप्ता ने दो दिन पहले रेपिस्ट की मां करिश्मा उर्फ कस्सो को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि एक महिला ने एक नाबालिग का दर्द नहीं समझा। ऐसा अपराध करने वाली महिला समाज में कैक्टस के समान है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश (UP) के शिकोहाबाद की रहने वाली करिश्मा उर्फ कस्सो पर 61 हजार का जुर्माना भी लगाया। किशोर न्याय बोर्ड इस मामले में पहले ही महिला के बेटे (नाबालिग) और रेप के दोषी को 3 साल के लिए भीलवाड़ा स्थित सुरक्षित गृह भेजने का आदेश दे चुका है। पुलिस ने 10 अक्टूबर, 2014 को करिश्मा उर्फ कस्सो और 31 मार्च, 2016 को उसके नाबालिग बेटे के खिलाफ चालान पेश किया था। नैना और सपना के खिलाफ एफआर दे दी थी। अभियोजन ने 18 गवाहों के बयान और 14 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। ट्रायल के दौरान करिश्मा दो बार फरार भी हो गई। इस मामले में लोक अभियोजक रहे वरिष्ठ वकील राकेश महर्षि ने बताया कि आरोपी की मां करिश्मा राजस्थान से नाबालिग बच्चियों को फंसा कर देह व्यापार में लगाने का धंधा करती थी। कोर्ट प्रोसीडिंग के दौरान दो बार फरार भी हुई। पुलिस ने भी काफी ढिलाई बरती थी, जिसके कारण कोर्ट भी नाराज हुआ। हमने पुलिस के पीछे पड़कर मामले को अंजाम तक पहुंचाया। यह भी पढ़ेंः बेटे से नाबालिग का रेप करवाने वाली महिला को उम्रकैद:कोर्ट ने कहा-ऐसे लोग समाज के लिए कैक्टस; महिला होकर नाबालिग का दर्द नहीं समझा

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