बेणेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब:माघ पूर्णिमा पर मेले का आगाज, कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु; 900 पुलिसकर्मी तैनात

आदिवासियों के’प्रयाग’ के नाम से प्रसिद्ध वागड़ के बेणेश्वर धाम पर गुरुवार (12 फरवरी) को माघ पूर्णिमा को विशाल मेले का आगाज हुआ। डूंगरपुर जिले के साबला उपखंड में आज से मेले की शुरुआत हो गई। इस दौरान राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जहां सोम, माही और जाखम नदी के त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालु पवित्र स्नान कर तर्पण-अर्पण कर रहे हैं। श्रद्धालु त्रिवेणी स्नान के उपरांत भक्तजन राधा कृष्ण मंदिर, शिव मंदिर और ब्रह्मा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दर्शन कर रहे हैं। भगवान निष्कलंक, महंत की पालकी यात्रा और शाही स्नान रहेगा आकर्षण का केंद्र
बेणेश्वर मुख्य मेले के दिन बेणेश्वर धाम के महंत अच्युतानंद महाराज और भगवान निष्कलंक की साबला हरिमंदिर से बेणेश्वर धाम तक पालकी यात्रा सवेरे बैंड बाजो के साथ निकाली गई। रास्ते में श्रद्धालु जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे है। पालकी यात्रा भक्तों के साथ हरि मंदिर से बेणेश्वर पहुंची, जहां पर राधा कृष्ण मंदिर में दर्शन के बाद महंत अच्युतानंद महाराज आबूरदारा घाट पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं के साथ का शाही स्नान किया और आशीर्वाद दिया। प्रशासन ने सुरक्षा के किए पुख्ता इंतजाम
साबला थाना अधिकारी रघुवीर सिंह ने बताया-मेले में 900 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। घाटों पर स्नान और धार्मिक गतिविधियों के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। वहीं बेणेश्वर मुख्य मेले में लोक संस्कृति का रंग छाया रहा। मेले में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन डूंगरपुर, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, जिला खेल विभाग और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गैर नृत्य प्रतियोगिता में ओडवाल की टीम ने प्रथम स्थान, बस्सी अहाड़ा ने द्वितीय और बारीसिया तलाई की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं में पारंपरिक वेशभूषा में सजे कमलेश बरोट (आसपुर) को ‘वागड़ श्री’ का खिताब मिला, जबकि खेमराज डेंडोर (बांसवाड़ा) दूसरे स्थान पर रहे। ‘वागड़ नी रुपारी’ की प्रतियोगिता में गामडी अहाडा की रानू रोत विजेता रहीं और नियल बरगोट पाल निठाउवा उपविजेता रहीं। साफा बांधने की प्रतियोगिता में लक्ष्मण लाल ने प्रथम और दिनेश गहलोत ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद कनकमल कटारा, विधायक उमेश डामोर, विधायक धरियावद थावरचंद सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। विजेताओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। तीन दिवसीय इस आयोजन को सफल बनाने में शारीरिक शिक्षक संगीता देवी, अरविन्द डामोर समेत कई लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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