रोजगार की मांग को लेकर बेरोजगार साझा मोर्चा ने दशहरा पर्व पर आप नेताओं के पुतले फूंककर दशहरा पर्व मनाया। पंजाब भर से बड़ी संख्या में शहर के सिटी पार्क में जुटने के बाद मोर्चा सदस्यों ने सीएम भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस, सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, राष्ट्रीय कनवीनर अरविंद केजरीवाल व नेता मनीष सिसोदिया के पुतले बनाकर शहर में रोष मार्च निकाला। इसके बाद दिल्ली-लुधियाना हाईवे पर पड़ते महावीर चौक में प्रदर्शन कर नेताओं के पुतले दहन किए। इस दौरान प्रशासन की ओर से मोर्चा सदस्यों को 10 अक्टूबर को सब कमेटी के साथ बैठक करवाने का आश्वासन दिया गया। मोर्चे के राज्य प्रधान सुखविन्द्र ढिलवां व रमन मलोट ने कहा कि नौकरी की मांग को लेकर मोर्चे के सदस्य लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। मांग की जा रही है कि सेहत विभाग में मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर की निकाली गई पोस्टों में आयु सीमा की छूट दी जाए। सरकार ने उनकी मांग को दरकिनार कर 270 पदों का विज्ञापन जारी कर दिया है। पिछली सरकारों से खफा बेरोजगारों को आप सरकार से काफी उम्मीद थी। सेहत मंत्री और पंजाब कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में उन्हें आयु सीमा में छूट का आश्वासन भी दिया गया था परंतु 1 अगस्त को सेहत विभाग ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी फरीदकोट के जरिए पदों का विज्ञापन जारी किया है। 6 अगस्त को 26 अगस्त तक फार्म भरने का समय तय किया गया है। ऐसा कर सरकार ने बेरोजगारों के साथ धोखा किया है। राज्य में आखिरी भर्ती 2020 में कांग्रेस सरकार की ओर से 200 पदों पर की गई थी। मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर का डेढ़ वर्ष का कोर्स 2011 बैच के बाद से बंद हो चुका है। 3 सरकारी व निजी संस्थाएं भी बंद हैं। पंजाब भर में करीब 2500 युवा कोर्स करने के बावजूद बेरोजगार हैं। 2000 से अधिक युवा नौकरी की आयु सीमा को पूरा कर चुके हैं। आप सरकार के कार्यकाल के दौरान ही 1500 बेरोजगारों की उम्र ओवर हो चुकी है। जिस कारण वह लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। हरजिंदर झुनीर व हरजिंदर बुढलाडा ने कहा किशिक्षा विभाग में मास्टर कैडर, सहायक प्रोफेसर, लेक्चरर व प्राइमरी कैडर की एक भी भर्ती नहीं की गई है। मास्टर कैडर में थोपी 55 प्रतिशत अंक की गैरजरूरी शर्त रद नहीं की गई है। अनेक बार स्टेज पर खड़े होकर वादा करने के बावजूद सीएम ने आयु सीमा वाले कानून में संशोधन नहीं किया है। इस कारण बेरोजगार दशहरा पर्व पर प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं।


