भास्कर न्यूज | धालभूमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धालभूमगढ़ में शुक्रवार से सुकुलमनी सबर का इलाज किया जा रहा था। जहां चिकित्सक द्वारा शनिवार को बेहतर इलाज हेतु सुकुलमनी को एमजीएम रेफर कर दिया गया था। पर सुकलमनी सबर तथा उनके पति गुरा सबर किसी भी हाल में एमजीएम जाने को तैयार नहीं हुए। देर शाम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धालभूमगढ़ से एमजीएम ले जाने के लिए 108 एम्बुलेंस आने के बावजूद सबर दंपती जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। अपना घर जाने के लिए जिद में अड़े रहे। रविवार को एमजीएम जाने की बात कही। बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धालभूमगढ़ से गाड़ी की व्यवस्था करते हुए गुड़ाबांदा थाना क्षेत्र के मुड़ाठाकरा ले जाकर पहुंचाया गया। वहीं रविवार को भी वाहन की व्यवस्था कर उसके घर से एमजीएम ले जाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धालभूमगढ़ से गाड़ी भेजवाया गया था, पर सबर दंपति ने एमजीएम जाने से मना कर दिया। बाद में खाली वहन वापस लौटा। जानकारी हो की सुकुलमनी सबर शुक्रवार को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धालभूमगढ़ में इलाज के लिए भर्ती हुई थी। बेहतर इलाज हेतु चिकित्सक द्वारा शनिवार को एमजीएम रेफर कर दिया गया था। समय पर 108 एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण तथा एमजीएम जाने की कोई अन्य कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से बिना बोले बीमार सबर महिला अपने पति गुरा सबर के साथ अपने घर गुड़ाबांदा प्रखंड क्षेत्र के मुड़ाठाकुरा बीमार अवस्था में ही पैदल जाने के लिए निकली थी। अस्पताल से थोड़ा दूर जाने के बाद जब महिला चलने में असमर्थ हो गई तब पति गुरा सबर अपने कंधे पर पत्नी सुकुलमनी को बैठाकर चलते देख जिला परिषद हेमंत मुंडा समेत अन्य कई जनप्रतिनिधियों ने इस हालत को लेकर सिविल सर्जन सहित अधिकारी को सूचना देते हुए दुख जाहिर किया। बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धालभूमगढ़ से वाहन की व्यवस्था कर धालभूमगढ़ चौक से सबर दंपती को दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धालभूमगढ़ लाकर 108 एम्बुलेंस से एमजीएम भेजने का प्रयास किया गया था। पर सबर दंपती ने एमजीएम जाने से इंकार कर दिया।


