यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर देशभर के बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। विदिशा में भी सभी सरकारी और राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहे। यह हड़ताल फाइव डे वर्किंग लागू करने की मांग को लेकर की गई थी। हड़ताल के कारण जिले की बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं, जिससे आम ग्राहकों को काफी परेशानी हुई। हड़ताल के चलते नकदी जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस और ड्राफ्ट जैसे जरूरी बैंकिंग काम नहीं हो सके। इससे लोगों को रोजमर्रा के लेन-देन और भुगतान में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले करीब दस वर्षों से फाइव डे वर्किंग की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। शनिवार को भी अवकाश देने की मांग
भारतीय स्टेट बैंक के नितिन चौबे ने बताया कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, जिसमें नौ प्रमुख बैंक यूनियनें शामिल हैं, सभी शनिवार को बैंक अवकाश घोषित करने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के साथ हुए वेतन समझौते में इस मांग पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। आरबीआई में लागू फिर बैंकों में क्यों नहीं
बैंक यूनियनों का कहना है कि जब आरबीआई, एलआईसी और केंद्र सरकार के दफ्तरों में पहले से ही फाइव डे वर्किंग लागू है, तो बैंक कर्मचारियों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। लगातार छुट्टियों के कारण ग्राहकों की परेशानी और बढ़ गई। 24 जनवरी को चौथा शनिवार, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद सोमवार को हुई इस हड़ताल से बैंक लगातार चौथे दिन बंद रहे। एसबीआई के मनोज सोनी ने बताया कि बैंक कर्मचारी वेतन कटौती के बावजूद इस हड़ताल में शामिल हुए।


