भास्कर न्यूज | अमृतसर बैंक अधिकारियों द्वारा एक बड़े धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। थाना सिविल लाइन के दसुंधा सिंह रोड के एक युवक के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बैंक के पांच अधिकारियों और तीन अन्य लोगों ने मिलकर 1.40 करोड़ रुपए का लोन ले लिया। पीड़ित युवक को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उसे बैंक से लोन की किश्त चुकाने का मैसेज आया। पहले उसने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन बार-बार मैसेज और फिर बैंक से फोन आने पर उसे शक हुआ। जब वह बैंक पहुंचा, तो उसे पता चला कि उसके नाम पर बड़ा लोन लिया गया है। उसने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बैंक के रीजनल सेल्स मैनेजर अमित आनंद, रीजनल क्रेडिट मैनेजर मनोज कुमार, ब्रांच सेल्स मैनेजर राज कुमार, ब्रांच क्रेडिट मैनेजर भूपिंदर सिंह, ब्रांच सेल्स ऑफिसर मनप्रीत सिंह, अशीष गुलाटी, राहुल वर्मा, राजीव अरोड़ा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कहा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस को दी शिकायत में रामपाल अरोड़ा और उसकी पत्नी सुनीता अरोड़ा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उक्त आरोपियों ने उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बैंक से लोन ले लिया। बैंक का रिजनल मैनेजर अमित आनंद है तो उसी की मिलीभगत से ही सारा काम हुआ है। इसने बैंक के अन्य कर्मचारियों को भी अपने साथ मिलाया, जिसके बाद इसने बैंक से उनके दस्तावेजों पर 1.40 करोड़ रुपए का लोन ले लिया। इसकी उन्हें भनक तक नहीं लगने दी। उन्होंने बताया कि बैंक के लोन का उन्हें उस समय पता लगा कि उन्हें मैसेज आया कि उनके बैंक के लोन की किश्त है। उन्होंेने उसे इग्नोर कर दिया। इसके बाद कई बार यह मैसेज आते रहे। जब बैंक से उन्हें फोन आया कि उनकी कोई किश्त नहीं आई तो उन्हें फिर शक हुआ। जब वह बैंक में पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते से किसी ने उनके दस्तावेजों के आधार पर ही बैंक लोन ले लिया है। इसकी पुलिस को शिकायत की गई, जिसके पश्चात पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।


