उमरिया जिले में बैगा जनजाति के एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को ग्राम पंचायत ने पिछले 12 वर्षों से सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया है। इस प्रशासनिक त्रुटि के कारण बुजुर्ग घमीरा को सरकार की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह मामला करकेली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सहजनारा का है। यहां के निवासी बुजुर्ग जो आज भी जीवित हैं, खुद को जिंदा साबित करने के लिए कई वर्षों से पंचायत और जिला कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। पंचायत रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने से बुजुर्ग योजनाओं से वंचित पीड़ित के भाई ने बताया कि करीब 12 साल पहले पंचायत के रिकॉर्ड में घमीरा को मृत दर्ज कर दिया गया था। इसके बाद से उनका नाम सभी शासकीय अभिलेखों से हटा दिया गया, जिससे उन्हें पेंशन, राशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो गया। बुजुर्ग का कहना है कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। अपर कलेक्टर के संज्ञान में आया मामला अब यह मामला जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर विकास अभय सिंह के संज्ञान में आया है। अपर कलेक्टर अभय सिंह ने बताया कि सहजनारा ग्राम पंचायत में बैगा समुदाय के एक व्यक्ति को 12 साल पहले मृत घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी कि यह गलती कहां और किसकी ओर से की गई। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और पात्रता के अनुसार पीड़ित को सभी शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।


