बैठक में कमलनाथ जैसे नेताओं को क्यों नहीं बुलाया?:पत्रकार के सवाल पर भड़के मप्र कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, बोले- ये पूछना आपका अधिकार नहीं

दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में आज एमपी कांग्रेस की एक अहम बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एमपी कांग्रेस के नेताओं के साथ चर्चा की।
एमपी कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक में राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में एसटी, एससी, ओबीसी, महिला, अल्पसंख्यक ऐसे हर वर्ग के लिए अलग प्लानिंग करें। उनकी समस्याएं जानें और उसके बाद उनके निराकरण के लिए क्या प्रयास हो सकते हैं इसकी पूरी रणनीति तैयार करें।
संगठन में जिन नेताओं को जो जिम्मेदारियां दी गई हैं उनको टॉस्क देकर फॉलोअप और मॉनिटरिंग का भी सिस्टम बनाएं। बैठक के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि हमारे अध्यक्ष खरगे जी, राहुल जी और वेणुगोपाल जी ने मध्य प्रदेश के टीम के साथ बैठक ली। मध्यप्रदेश में जो हालात बने हुए हैं, उनमें कांग्रेस पार्टी संगठन के तौर पर और विधायक दल के तौर पर मजबूती से काम कर रही है। इसको और आगे कैसे बढ़ाएं? अब तक के काम की समीक्षा थी और भविष्य में हम लोग कैसे आगे बढ़ें, जिससे मध्य प्रदेश के हर वर्ग, चाहे वह युवा हो, महिला हो, शहर, गांव, किसान, किसी के साथ भी न्याय नहीं हो रहा है। कांग्रेस पार्टी उनके हितों की सुरक्षा कैसे रखें उसे संदर्भ में हम लोग आने वाले समय में सामूहिक रूप से मध्य प्रदेश में बैठक करके काम करेंगे। मध्य प्रदेश में जीतू पटवारी और उमंग सिंगार के नेतृत्व में हम लोग काम करते आए हैं आगे भी भविष्य में इससे ज्यादा और मजबूती से काम करेंगे। हरीश चौधरी से पत्रकारों ने पूछा की बैठक में सिर्फ चार नेता ही मौजूद थे, जबकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के कई नेता हैं बैठक में ना कमलनाथ थे ना अरुण यादव थे? यह सवाल सुनकर हरीश चौधरी भड़क गए और बोले कि यह आपका अधिकार नहीं है कि बैठक की संरचना कैसे होगी। चौधरी ने कहा कि आप क्या चाहते हो कि हमारी आंतरिक बैठक का क्राइटेरिया क्या हो, वह भी आपके माध्यम से साझा करें। यह सवाल सिर्फ कांग्रेस पार्टी से ही क्यों?
आज तक यह सवाल कभी भारतीय जनता पार्टी से मैंने देखा और सुना नहीं। यह हम लोगों का अधिकार है। कांग्रेस पार्टी का अधिकार है। खरगे जी का अधिकार है कि किन लोगों को बुलाया जाए किन को बुलाया जाए किन को जूम मीटिंग के माध्यम से बुलाया जाए, किसे को कब बुलाया जाए। पत्रकारों ने कहा कि प्रदेश के नेताओं का कहना था कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं दी गई। इस बारे में हम उनके बिहार पर यह सवाल पूछ रहे हैं? इस पर चौधरी ने कहा उन नेताओं के बिहाव पर आपको पूछने की जरूरत नहीं है। वह मुझे कहेंगे तो मैं उन्हें बताऊंगा। मेरा सभी से संवाद है। उनकी चिंता आप लोग न करें। मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी अनुशासित रास्ते पर आगे चलेगी। किसी भी स्तर का कोई भी कार्यकर्ता या नेता हो, भविष्य में अनुशासन के संदर्भ में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी। कोई भी पार्टी लाइन से इतर होकर कुछ भी बोलता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह पार्टी का निर्देश है उसको अक्षर से पालन किया जाएगा। राहुल ने बताया संगठन में कैसे काम कराना है
संगठन सृजन अभियान के तहत 5 महीने पहले अगस्त में एमपी के सभी 71 संगठनात्मक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हुई थी। पांच महीनों से जिला अध्यक्ष बिना कार्यकारिणी के ही काम कर रहे हैं। ऐसे में जिला कांग्रेस की कार्यकारिणी से लेकर संगठन में होने वाली नियुक्तियों पर चर्चा की गई है। राहुल गांधी ने बताया है कि संगठन में नियुक्ति के बाद किस पदाधिकारी से कैसे काम लेना है और काम की मॉनिटरिंग किस तरह से होगी। ये बैठक में मौजूद
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सीडब्ल्यूसी मेंबर कमलेश्वर पटेल मौजूद थे।

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