एलआईजी से नौलखा तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की मंजूरी के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती सही जगह भुजाएं उतारने की है। ट्रैफिक स्टडी के जरिये पता किया जाएगा कि एलिवेटेड कॉरिडोर की भुजाएं कहां उतारी जाएं, कौन सी लिंक रोड को जोड़ा जाए और किन्हें छोड़ा जाए। खासतौर पर इंडस्ट्री हाउस, गिटार चौराहा, पलासिया और शिवाजी वाटिका में ट्रैफिक को लेकर ज्यादा चुनौती है। यहां से एलिवेटेड ब्रिज पर ट्रैफिक कैसे चढ़ेगा-उतरेगा, इसका समाधान तलाशा जाएगा। इस कवायद में तीन से छह महीने का समय लग सकता है। निर्माण के बाद पुराने एबी रोड पर 8 लेन सड़क मिलेगी, जबकि एलिवेटेड हिस्से पर अतिरिक्त 4 लेन भी मिलेंगी। प्लानिंग यह भी है कि प्रमुख चौराहों पर राइट टर्न समाप्त किया जाएगा। दाएं मुड़ने वाले वाहनों के लिए यू-टर्न आधारित एडवांस्ड राइट टर्न सिस्टम लागू किया जाएगा। सीएम ने रविवार को जो निर्देश अफसरों को दिए हैं, उसके अनुसार एक बैठक स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ और होगी, जिसमें पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से भी चर्चा की जाएगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर इसे अंतिम रूप देंगे। एलिवेटेड कॉरिडोर: केन्द्र की मंजूरी मिल चुकी …तो बीआरटीएस नहीं तोड़ना पड़ता
हमने टेंडर प्रक्रिया पूरी की थी और राशि भी आवंटित कर दी थी। यदि छह साल पहले ही सही फैसला लेते तो बीआरटीएस को तोड़ने की जरूरत ही नहीं पड़ती। – सज्जन वर्मा, पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री


