बैतूल के पीएमश्री जेएच कॉलेज में गांव की बेटी योजना में 1.44 करोड़ का फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस योजना की राशि छात्राओं को ना देकर दूसरे खातों में डाली जा रही थी। 5 साल में करीब 98 खातों में राशि डाली गई।
एक ही खाते में कई बार रुपए डाले गए। कॉलेज में जुलाई 2019 से सितंबर 2024 तक ऑडिट किया गया। इसमें गड़बड़ी सामने आई। ऑडिटर ने उच्च शिक्षा विभाग के कमिश्नर और महा लेखाकार को गड़बड़ी के संबंध में पत्र लिखा था। महालेखाकार ने कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को भी गड़बड़ी की जांच करने के लिए पत्र लिखा। कलेक्टर ने ट्रेजरी अफसर अरुण वर्मा सहित 5 सदस्यीय टीम को जांच का जिम्मा सौंपा है। सोमवार को योजना में गड़बड़ी की जांच की जाएगी। बता दें कि गांव की बेटी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को 12वीं में अच्छे अंक प्राप्त करने पर प्रतिमाह 500 रुपए छात्रवृत्ति रूप में दी जाती है। एक छात्रा को 10 माह तक लगभग 5 हजार की राशि दी जाती है। योजना के फॉर्म वाले कमरे सील गांव की बेटी योजना में गड़बड़ी सामने आने पर उच्च शिक्षा विभाग के कमिश्नर के निर्देश पर कॉलेज के चार कमरों को भी सील किया गया है। इन कमरों में गांव की बेटी योजना के फार्म रखे हैं। कॉलेज प्राचार्य मीनाक्षी चौबे के मार्गदर्शन में कॉलेज के कमरों को सील किया है। कलेक्टर द्वारा बनाई गई जांच टीम द्वारा मामले की जांच के दौरान बैंक खातों की जांच भी की जाएगी। योजना की राशि में गड़बड़ी करने वाले कॉलेज के ही कर्मचारी हैं। ऑडिट में गड़बड़ी उजागर, टीम कर रही जांच ऑडिट टीम ने गांव की बेटी योजना के तहत गड़बड़ी होने का पत्र उच्च शिक्षा विभाग के कमिश्नर और महालेखाकार को दिया था। कमिश्नर के निर्देश पर जिन चार कमरों में गांव की बेटी योजना के फॉर्म रखे हैं, उन्हें सील कर दिया है। कलेक्टर ने जांच टीम बनाई है, जो इसकी जांच करेगी।
– मीनाक्षी चौबे, प्राचार्य पीएमश्री जेएच कॉलेज


