बैतूल में कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) में बदलाव और प्रस्तावित पीपीपी मोड मेडिकल कॉलेज के विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर आयोजित किया गया। मुख्य कार्यक्रम खेड़ी सावलीगढ़ में हुआ, जिसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय विनोद डागा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी कानून की मूल भावना को बदलने का आरोप लगाया। आरोप- बीजेपी सरकार अधिकार छीन रही
नेताओं ने कहा कि काम मांगने पर काम देने की बाध्यता कमजोर कर दी गई है, जिससे मजदूरों को अनिश्चितता और बेरोजगारी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस फैसले से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में भूख, पलायन और आर्थिक संकट बढ़ सकता है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय विनोद डागा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीबों और मजदूरों के अधिकार छीन रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार की गारंटी खत्म की जा रही है और अब शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
धरना प्रदर्शन के दौरान बैतूल में प्रस्तावित पीपीपी मोड मेडिकल कॉलेज का भी विरोध किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बताया। उनका कहना था कि पीपीपी मॉडल से इलाज मुनाफे पर आधारित हो जाएगा, जिससे गरीब और आदिवासी मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं महंगी हो जाएंगी। निलय डागा ने सवाल उठाया कि जब सरकार उद्योगपतियों को रियायतें दे सकती है, तो गरीब जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं खोल सकती? उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी अंचलों को निजीकरण की प्रयोगशाला बना रही है। इस प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार चौबे, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जगदीश गोचरे, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रघुनाथ राने, मोनू बडोनिया, प्रीतेश गंगारे, प्रदीप पवार, सुक्कल उईके, गोलू भूमरकर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस ने मनरेगा और पीपीपी मॉडल जैसे फैसलों के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।


