बैतूल जिले के 545 गांवों तक पानी पहुंचाने वाली 618.1 करोड़ रुपए की ग्रामीण नलजल योजना फिर सुस्त पड़ गई है। चार परियोजनाओं में से दो ठेके रद्द कर दिए गए हैं। नई कंपनी को काम सौंपने के बाद इसे पूरा करने के लिए 18 माह का समय मिलेगा। योजना अब कम से कम 2027 तक पूरी होने की संभावना है। इस योजना में मुंबई की विक्रान इंजीनियरिंग कंपनी और भोपाल की एल.एन. मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी को चार उप-परियोजनाओं का जिम्मा दिया गया था। विक्रान इंजीनियरिंग को घोघरी समूह जल योजना के तहत आमला, मुलताई और प्रभात पट्टन के 162 गांवों में पानी पहुंचाने का काम 215.55 करोड़ रुपए में मिला था। कंपनी ने 67% प्रगति पूरी की। एल.एन. मालवीय इंफ्रा को गढ़ा (51 गांव), वर्धा (91 गांव) और मेंढ़ा (241 गांव) तक जल आपूर्ति का जिम्मा मिला। हालांकि, वर्धा परियोजना में मार्च 2023 से अब तक केवल 29% काम ही पूरा हुआ, जबकि निगम ने 102 करोड़ में से 29 करोड़ का भुगतान किया। इसी कंपनी के 245 करोड़ रुपए के मेंढ़ा प्रोजेक्ट पर 52 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। निगम के महा प्रबंधक अविनाश दिवाकर ने कहा कि कंपनियों को बार-बार नोटिस और एक्सटेंशन दिए गए, फिर भी काम सुस्त रहा। नए टेंडर के बाद कंपनी को 18 माह का समय जल निगम के ईई अविनाश दिवाकर ने बताया कि वर्धा और मेंढ़ा परियोजनाओं की फिजिकल प्रगति क्रमशः 27% और 32% होने के कारण ठेके टर्मिनेट किए गए। उन्होंने कहा कि नए टेंडर के बाद आने वाली कंपनी को 18 माह का समय दिया जाएगा। घोघरी स्कीम में अब तक 63% काम पूरा हो चुका है। भाजपा-कांग्रेस दोनों ने नाराजगी जताई यह योजना सबसे अधिक बैतूल विधानसभा क्षेत्र के 258 गांवों को कवर करती है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल में जल निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल जल्द उपलब्ध होना हमारी प्राथमिकता है, लेकिन काम की सुस्त रफ्तार निराशाजनक है। कांग्रेस के पूर्व विधायक निलय डागा ने आरोप लगाया कि यह योजना 2018 में कमलनाथ सरकार के समय स्वीकृत हुई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण ग्रामीण जनता अब तक पानी से वंचित है। डागा ने ठेकेदारों को पेनल्टी के अलावा टर्मिनेशन और ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। गौरतलब है कि 9 माह पहले भास्कर डिजिटल ने परियोजना की धीमी प्रगति को लेकर चेताया था। निगम का कहना है कि कंपनियों को बार-बार नोटिस और समय-सीमा विस्तार दिए गए थे, फिर भी काम पूरा नहीं हुआ। ये खबर भी पढ़िए… जल निगम की 618 करोड़ की योजना लटकी:3 साल में केवल 40% काम हुआ पूरा; कांग्रेस ने ठेकेदारों को टर्मिनेट करने की मांग की मध्यप्रदेश जल निगम की महत्वाकांक्षी योजना में बैतूल के 545 गांवों तक पानी पहुंचाने का काम धीमी गति से चल रहा है। 618.1 करोड़ रुपए की इस योजना में तीन साल बाद भी अधिकतम 40% काम ही पूरा हो सका है। पूरी खबर पढ़िए…


